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दही के धोखे में कपास
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Tue, 03 Jun 2014 08:49 AM IST
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कहा जाता है कि आदत जल्दी सुधरती। यूपी में सत्तारूढ़ पक्ष का यही रवैया लगता है।
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अभी तक किसी घटना पर केंद्र से कोई सवाल तो पूछा नहीं जाता था। इसलिए इस बार भी बेफिक्र थे, लेकिन इस बार मामला जरा हट के है।
बदायूं बलात्कार कांड पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार से ब्यौरा तलब कर लिया। प्रदेश के हुम्मरानों ने ब्यौरा तो दिया साथ ही राज्य के बिजली संकट के लिए केंद्र सरकार को कोसना शुरू कर दिया।
लेकिन यह दांव उल्टा पड़ गया। केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री ने पुख्ता दलीलों के साथ बताया कि बिजली पर्याप्त है। सूबे की सरकार चुनाव से पहले की तरह ही उससे खरीद सकती है।
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बेचारे, अब क्या करें। इसे ही कहते हैं, दही के धोखे में कपास खा लेना। सपा के शुभचिंतक परेशान हैं कि उनके नेताओं को सही बात कब समझ में आएगी।
बेवजह तोहमत लगाने के बजाय अगर कुछ होमवर्क करने के सवाल-जवाब करें तो सरकार की किरकिरी होने से बच सकती है।