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Lucknow News: पड़ोसी मुल्क में मिल रहे पोलियो के मामले, दवा जरूर पिलाएं
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लखनऊ। अप्रैल 2010 के बाद से उत्तर प्रदेश में पोलियो का नया केसा नहीं मिला है। हालांकि, भारत के पड़ोसी मुल्कों में इसके मामले अब भी देखे जा रहे हैं। यही वजह है कि प्रदेश में पोलियो अभियान अभी थमा नहीं है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि विशेषज्ञों का कहना है कि पड़ोसी मुल्क पोलियो के वायरस का हमला कर सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है। इस खतरे की वजह से स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर पोलियो अभियान चला रहा है। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों को ड्रॉप पिलाई जाती है।
सीएमओ ने बताया कि इस बीमारी से शिशु दिव्यांग हो सकता है। पोलियो वायरस हाथ, पैर व दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। जन्म के तुरंत बाद शिशु को पोलियो की दवा पिलाई जाती है। उन्होंने कहा कि अब भी कई लोग इस दवा को पिलाने से परहेज कर रहे हैं। अपील है कि ऐसा न करें। डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि कई जगह ऐसी सूचना भी मिली कि लोगों ने दवा पिलाने से इनकार करते हुए स्वाथ्यकर्मियों का विरोध किया। हालांकि, प्रशासन, धर्मगुरु और डॉक्टरों के समझाने पर वे राजी हुए। उन्होंने कहा कि शिशुओं को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं।
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सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया कि विशेषज्ञों का कहना है कि पड़ोसी मुल्क पोलियो के वायरस का हमला कर सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है। इस खतरे की वजह से स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर पोलियो अभियान चला रहा है। इसमें पांच वर्ष तक के बच्चों को ड्रॉप पिलाई जाती है।
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सीएमओ ने बताया कि इस बीमारी से शिशु दिव्यांग हो सकता है। पोलियो वायरस हाथ, पैर व दूसरे अंगों को भी प्रभावित कर सकता है। जन्म के तुरंत बाद शिशु को पोलियो की दवा पिलाई जाती है। उन्होंने कहा कि अब भी कई लोग इस दवा को पिलाने से परहेज कर रहे हैं। अपील है कि ऐसा न करें। डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि कई जगह ऐसी सूचना भी मिली कि लोगों ने दवा पिलाने से इनकार करते हुए स्वाथ्यकर्मियों का विरोध किया। हालांकि, प्रशासन, धर्मगुरु और डॉक्टरों के समझाने पर वे राजी हुए। उन्होंने कहा कि शिशुओं को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं।
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