लखनऊ के कृष्णानगर इलाके के इंद्रपुरी रेलवे लाइन के दोनों तरफ बसी झुग्गी वालों ने पुलिस वालों की बात मानी। वह पलायन न कर वहीं ठहर गए। इसके बाद कृष्णानगर सर्किल की पुलिस ने अपने परिचितों व मित्रों के सहयोग से झुग्गी बस्ती के 500 परिवारों को रोज का राशन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी उठाई है। इसकी शुरुआत मंगलवार को हो गई। सभी घरों में राशन के पैकेट बांटे गए। एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, लॉकडाउन की घोषणा के बाद कृष्णानगर इलाके में बसे झुग्गी बस्तियों के लोगों से अपील की गई कि वे पलायन न करें।
पुलिसकर्मी रोजाना 500 परिवारों को दे रहे राशन, जरूरतमंदों को पहुंचा रहे दवाएं, तस्वीरें
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सोमवार को एक मकान में राशन के पैकेट बनाने का काम शुरू हुआ। इसकी जानकारी होते ही कई स्थानीय व्यापारी, कोचिंग संचालक, समाजसेवी ने भी सहयोग करना शुरू कर दिया। सहयोग देने वालों में विनोद शाही, शैलेष श्रीवास्तव, मोहन खत्री, विनय सिंह, मनीष अग्रवाल, अजय ढिमला, माधव भीम सरिया, अजय सिंह, देवेंद्र सिंह देवू, मनीष सिंह, गौरव सिंह सेंगर, नवनीत प्रमुख रुप से शामिल हैं। एसीपी दीपक सिंह ने बताया कि यह व्यवस्था लॉकडाउन तक संचालित की जाएगी।
जियामऊ : अफसर दंपती ने दिया राशन
राजधानी में तैनात पुलिस अधिकारी दंपति ने सरकार की ओर से जियामऊ में संचालित कम्युनिटी किचन में राशन सामग्री उपलब्ध कराई। एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक, यह राशन एक हजार लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस दौरान एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा व उनकी पत्नी एएसपी भर्ती बोर्ड रश्मि श्रीवास्तव, स्पेशल जज सीबीआई विनय सिंह, एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज संतोष कुमार सिंह, गौमतपल्ली सत्यप्रकाश, नरही चौकी प्रभारी भूपेंद्र सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
चीता मोबाइल पहुंचा रही दवा
जानकीपुरम थाने के प्रभारी निरीक्षक तेज प्रताप सिंह को हरियाणा के फरीदाबाद से कॉल आई। कॉल करने वाले ने बताया कि उनके पिता केएन श्रीवास्तव एयरफोर्स से रिटायर्ड है। उनकी तबियत खराब है। उनकी लगातार दवा चल रही है। लॉकडाउन के कारण वह घर नहीं पहुंच सकते हैं। बेटे की बात सुनकर प्रभारी निरीक्षक ने तत्काल चीता मोबाइल को जानकीपुरम विहार कालोनी स्थित केएन श्रीवास्तव के घर भेजा। उनके दवा की पर्ची मांगी, फिर कुछ देर बाद दवा लेकर दरवाजे पर पहुंच गये। बुजुर्ग केएन श्रीवास्तव ने पुलिस को धन्यवाद दिया।