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सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई तो अब खैर नहीं, अपराधियों से ऐसे निपटेगी पुलिस
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 27 Apr 2018 11:35 AM IST
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- फोटो : demo
प्रदेश में बढ़े साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों और अश्लीलता फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी। सुबूत मिलने पर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने इस संबंध में मातहतों को निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ सालों में जिस रफ्तार से इंटरनेट का दायरा बढ़ा है, उसी रफ्तार से साइबर अपराध में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है।
इसमें मुख्यत: कंप्यूटर के माध्यम से की जाने वाली धोखाधड़ी, एटीएम, बैंक फ्रॉड, अश्लीलता फैलाना, धमकी देना, निजता हनन, साइबर आतंकवाद, साइबर मानहानि, पहचान चुराना जैसे अपराध शामिल हैं। जानकारी के अभाव में पढ़े-लिखे लोग भी साइबर अपराधियों की जाल में फंसकर अपना नुकसान कर बैठते हैं।
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डीजीपी ने सभी पुलिस कप्तानों को लिखे पत्र में कहा है कि साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए निर्धारित बिंदुओं का प्रचार-प्रसार कराया जाए। शिक्षण संस्थानों, बैंकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, रेलवे व बस स्टेशनों पर इन अपराधों के बचाव के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जाए।
सोशल मीडिया, रेडियो, टीवी और सिनेमाघरों के माध्यम से भी जनता को जागरूक किया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए और कार्यशाला का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जाए। अश्लीलता और अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।
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डीजीपी ओम प्रकाश सिंह ने इस संबंध में मातहतों को निर्देश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि पिछले कुछ सालों में जिस रफ्तार से इंटरनेट का दायरा बढ़ा है, उसी रफ्तार से साइबर अपराध में भी बेतहाशा वृद्धि हुई है।
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इसमें मुख्यत: कंप्यूटर के माध्यम से की जाने वाली धोखाधड़ी, एटीएम, बैंक फ्रॉड, अश्लीलता फैलाना, धमकी देना, निजता हनन, साइबर आतंकवाद, साइबर मानहानि, पहचान चुराना जैसे अपराध शामिल हैं। जानकारी के अभाव में पढ़े-लिखे लोग भी साइबर अपराधियों की जाल में फंसकर अपना नुकसान कर बैठते हैं।
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डीजीपी ने सभी पुलिस कप्तानों को लिखे पत्र में कहा है कि साइबर अपराध के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए निर्धारित बिंदुओं का प्रचार-प्रसार कराया जाए। शिक्षण संस्थानों, बैंकों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, रेलवे व बस स्टेशनों पर इन अपराधों के बचाव के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जाए।
सोशल मीडिया, रेडियो, टीवी और सिनेमाघरों के माध्यम से भी जनता को जागरूक किया जाए। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जाए और कार्यशाला का आयोजन कर लोगों को जागरूक किया जाए। अश्लीलता और अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाए।
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क्या करें, क्या न करें
cyber crime
मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपने बैंक, एटीएम और व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें।
एटीएम से पैसा निकालते समय एटीएम बूथ में अकेले जाएं और किसी अनजान व्यक्ति का सहयोग न लें।
फेसबुक के माध्यम से जान-पहचान बनाकर आत्मीयता स्थापित करने वालों को किसी तरह की निजी जानकारी न दें और उनके झांसे में न आएं।
अपने सोशल मीडिया एकाउंट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन बैंकिंग पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें।
ऑनलाइन लॉटरी, प्रतियोगिता का विजेता होने का लालच देने वालों के झांसे में न पड़ें और न ही उनके कहने पर रकम जमा कराएं।
फेसबुक और वाई-फाई का पासवर्ड व व्हाट्सएप का ओटीपी किसी को न बताएं।
अश्लीलता एवं सांप्रदायिकता फैलाने वाले किसी भी मेसेज को साझा न करें।
एटीएम से पैसा निकालते समय एटीएम बूथ में अकेले जाएं और किसी अनजान व्यक्ति का सहयोग न लें।
फेसबुक के माध्यम से जान-पहचान बनाकर आत्मीयता स्थापित करने वालों को किसी तरह की निजी जानकारी न दें और उनके झांसे में न आएं।
अपने सोशल मीडिया एकाउंट, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन बैंकिंग पासवर्ड या ओटीपी किसी से साझा न करें।
ऑनलाइन लॉटरी, प्रतियोगिता का विजेता होने का लालच देने वालों के झांसे में न पड़ें और न ही उनके कहने पर रकम जमा कराएं।
फेसबुक और वाई-फाई का पासवर्ड व व्हाट्सएप का ओटीपी किसी को न बताएं।
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