अब कचहरी में वारदात नहीं कर पाएंगे अपराधी
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जिला कचहरियों में पिछले दिनों शातिर अपराधियों पर आपसी रंजिश में खूनी वारदातों के बाद पुलिस को पेशी पर लाए जाने वाले जेलों में बंद अपराधियों की रंजिश का चार्ट बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
डीजीपी एके जैन ने कप्तानों को भेजे निर्देश में कहा है कि इसकी जानकारी जुटाएं कि किस अपराधी की किससे रंजिश है और किस पर हमला होने का अंदेशा है। जिलों से यह रिपोर्ट रेंज को भेजी जानी है, जहां से इसे डीजीपी मुख्यालय भेजा जाएगा।
इस काम में जिला पुलिस के साथ स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) को भी लगाया जा रहा है। कोशिश हो रही है कि हर जिले की जेलों में बंद शातिर बदमाशों, माफिया की सूची जिलों के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी के पास रहे।
उन्हें यह भी जानकारी रखने को कहा गया है कि वे इन अपराधियों की अदालतों में होने वाली पेशी की गतिविधियों से भी अवगत रहें। अगर किसी जिले की जेल में किसी अन्य जिले का कोई शातिर बदमाश बंद है, तो यह जरूर पता कर लिया जाए कि उक्त बदमाश की किससे रंजिश चल रही है।
जानलेवा रंजिश पर बढ़ा दी जाए सतर्कता
निर्देशों के अनुसार यह भी जानकारी रखी जाए कि कौन बदमाश गैंगवार में शामिल है। जानलेवा रंजिश होने की जानकारी पर सतर्कता बढ़ा दी जाए।
वैसे भी अदालतों में अपराधियों को पेशी पर लाए जाने के दौरान सघन जांच और सतर्कता के सभी कदम उठाए जाने के निर्देश प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पंडा ने कुछ दिनों पहले ही जोन, रेंज व जिलों के प्रभारी अधिकारियों को दिए थे। पंडा ने बताया कि जिलों के कप्तानों को अदालतों के सुरक्षा प्रबंधों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
अदालत परिसरों में हो चाक-चौबंद सुरक्षा
डीजीपी ने जिलों में अपराधियों की पेशी के दौरान अदालत परिसरों में चाक-चौबंद सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हुए हैं।
उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि भविष्य में किसी जिले में इस बाबत कोई चूक पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।