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Lucknow News: पुलिस को शक...सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी के लिए तो नहीं बिछाया गया था जाल
Sun, 07 Dec 2025 02:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 07 Dec 2025 02:24 AM IST
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लखनऊ। आगरा के सैन्यकर्मी केशव देव को हनीट्रैप में फंसाकर 8.69 लाख ऐंठने के मामले में पीजीआई पुलिस विभिन्न पहलुओं पर तफ्तीश कर रही है। पुलिस इस दिशा में भी काम कर रही है कि कहीं ठगों ने सेना से जुड़ी खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए तो नहीं जाल बिछाया था। वहीं, क्राइम ब्रांच भी मामले की जांच कर रही है।
आगरा के शमशाबाद रोड निवासी केशव देव 509 आर्मी बेस वर्कशॉप में तैनात हैं। तीन माह पहले टेलीग्राम के जरिये उनका संपर्क नैंसी शर्मा से हुआ था। 26 नवंबर को वह नैंसी के बुलाने पर उससे मिलने पीजीआई के तेेलीबाग गए थे। वहां उसने तीन साथियों के साथ मिलकर उन्हें बंधक बनाकर पीटा था और 8.69 लाख रुपये ट्रांसरफ करा लिए थे। उनसे कीमती सामान भी ले लिया था। आरोपियों ने उनका निर्वस्त्र वीडियो भी बना लिया था। इसके जरिये आरोपी उन्हें ब्लैकमेल कर 40 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
विभागीय आईडी की तस्वीर लेने पर घूम रही शक की सुई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने केशव के आधार कार्ड के साथ ही उनके विभागीय आईकार्ड की भी तस्वीर खींच ली थी। ऐसे में पुलिस की शक की सुई खुफिया जानकारी हासिल करने के पहलू की ओर घूम गई है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने आखिर आईडी कार्ड की फोटो क्यों खिंची।
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पुलिस ने केशव से मांगी ठगों के खातों की जानकारी
इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित अभी तक आरोपियों के खातों की जानकारी पुलिस को नहीं दे सके हैं। वहीं जिन, नंबरों से आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क किया था वे भी स्विच ऑफ हैं। केशव तेलीबाग में जहां आरोपियों से मिले थे वहां और उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही हैं। क्राइम ब्रांच को भी आरोपियों के बारे कुछ अहम जानकारियां मिली हैं।
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आगरा के शमशाबाद रोड निवासी केशव देव 509 आर्मी बेस वर्कशॉप में तैनात हैं। तीन माह पहले टेलीग्राम के जरिये उनका संपर्क नैंसी शर्मा से हुआ था। 26 नवंबर को वह नैंसी के बुलाने पर उससे मिलने पीजीआई के तेेलीबाग गए थे। वहां उसने तीन साथियों के साथ मिलकर उन्हें बंधक बनाकर पीटा था और 8.69 लाख रुपये ट्रांसरफ करा लिए थे। उनसे कीमती सामान भी ले लिया था। आरोपियों ने उनका निर्वस्त्र वीडियो भी बना लिया था। इसके जरिये आरोपी उन्हें ब्लैकमेल कर 40 लाख रुपये की मांग कर रहे थे।
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विभागीय आईडी की तस्वीर लेने पर घूम रही शक की सुई
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने केशव के आधार कार्ड के साथ ही उनके विभागीय आईकार्ड की भी तस्वीर खींच ली थी। ऐसे में पुलिस की शक की सुई खुफिया जानकारी हासिल करने के पहलू की ओर घूम गई है। पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने आखिर आईडी कार्ड की फोटो क्यों खिंची।
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पुलिस ने केशव से मांगी ठगों के खातों की जानकारी
इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित अभी तक आरोपियों के खातों की जानकारी पुलिस को नहीं दे सके हैं। वहीं जिन, नंबरों से आरोपियों ने पीड़ित से संपर्क किया था वे भी स्विच ऑफ हैं। केशव तेलीबाग में जहां आरोपियों से मिले थे वहां और उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी जा रही हैं। क्राइम ब्रांच को भी आरोपियों के बारे कुछ अहम जानकारियां मिली हैं।