{"_id":"5f7968368ebc3e9bd4060792","slug":"police-sought-permission-from-government-for-arrest-of-ips-arvind-sen","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"आईपीएस अरविंद सेन पर कसा कानून का शिकंजा, पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए शासन से मांगी अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आईपीएस अरविंद सेन पर कसा कानून का शिकंजा, पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए शासन से मांगी अनुमति
Sun, 04 Oct 2020 11:44 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 04 Oct 2020 11:44 AM IST
विज्ञापन
आईपीएस अरविंद सेन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पशुपालन विभाग में ठेके के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भाटिया से 10 करोड़ रुपये ठगने वाले शातिरों का साथ देने के आरोपी आईपीएस अरविंद सेन पर कानून का शिकंजा कस गया है। लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तारी की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। आईपीएस अरविंद सेन के खिलाफ एसटीएफ को शुरुआती जांच में ही पर्याप्त साक्ष्य मिल गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे हजरतगंज कोतवाली में दर्ज
ठगी की एफआईआर में शामिल करके आईपीएस अफसर का नाम विवेचना में खोल दिया गया है।
पशुपालन विभाग में आटा सप्लाई के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भटिया से ठगों ने 10 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। कारोबारी ने सीएम से शिकायत की जिसके बाद एसटीएफ को जांच सौंपी गई।
विज्ञापन
जांच पूरी होने के बाद 13 जून को कारोबारी की तरफ से हजरतगंज कोतवाली में पशुधन राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव ललित देव, कथित पत्रकार एके राजीव, अनिल राय, आशीष राय समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के साथ ही उनकी गिरफ्तारी के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। आईपीएस अरविंद सेन के खिलाफ एसटीएफ को शुरुआती जांच में ही पर्याप्त साक्ष्य मिल गए थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एसटीएफ की जांच रिपोर्ट आने के बाद उसे हजरतगंज कोतवाली में दर्ज
विज्ञापन
ठगी की एफआईआर में शामिल करके आईपीएस अफसर का नाम विवेचना में खोल दिया गया है।
पशुपालन विभाग में आटा सप्लाई के नाम पर इंदौर के कारोबारी मंजीत सिंह भटिया से ठगों ने 10 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। कारोबारी ने सीएम से शिकायत की जिसके बाद एसटीएफ को जांच सौंपी गई।
विज्ञापन
जांच पूरी होने के बाद 13 जून को कारोबारी की तरफ से हजरतगंज कोतवाली में पशुधन राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद के निजी प्रधान सचिव रजनीश दीक्षित, निजी सचिव ललित देव, कथित पत्रकार एके राजीव, अनिल राय, आशीष राय समेत 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।
पुलिस व एसटीएफ 12 लोगों को गिरफ्तार करके 10 के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मुख्य आरक्षी दिलबहार सिंह, संतोष मिश्रा और मोंटी गुर्जर समेत 4 अन्य आरोपियों के खिलाफ अनुपूरक आरोपपत्र दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्य आरक्षी की संपत्ति होगी कुर्क: मुख्य आरक्षी दिलबहार सिंह तमाम दबाव के बावजूद पुलिस या कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं हो रहा है। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव का कहना है कि उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट लिया जा चुका है।
दिलबहार पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। पुलिस ने उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटा लिया है। गैर जमानती वारंट को रिकॉल कराकर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।
मुख्य आरक्षी की संपत्ति होगी कुर्क: मुख्य आरक्षी दिलबहार सिंह तमाम दबाव के बावजूद पुलिस या कोर्ट के समक्ष हाजिर नहीं हो रहा है। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव का कहना है कि उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट लिया जा चुका है।
दिलबहार पर इनाम घोषित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। पुलिस ने उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटा लिया है। गैर जमानती वारंट को रिकॉल कराकर उसकी संपत्ति कुर्क की जाएगी।