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अयोध्या की ‘धर्म सभा’ को लेकर ‘धर्म संकट’ में पुलिस महकमा

Sun, 18 Nov 2018 12:49 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 18 Nov 2018 12:49 AM IST
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police preparation for dharm sabha in ayodhya
अयोध्या - फोटो : amar ujala

अयोध्या में इसी महीने की 25 नवंबर को होने वाली विहिप की धर्म सभा को लेकर पुलिस महकमा धर्म संकट में नजर आ रहा है। विहिप धर्म सभा में भारी भीड़ जुटाकर मंदिर निर्माण के लिए दबाव बनाने की कोशिश में है।

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दिलचस्प बात यह है कि इस आयोजन के एक सप्ताह बचे हैं। फैजाबाद प्रशासन की ओर से पुलिस मुख्यालय को अभी तक यह रिपोर्ट तक नहीं भेजी गई है कि इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कितनी फोर्स की जरूरत होगी।
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आयोजन से परोक्ष रूप से सत्तारूढ़ दल का भी जुड़ाव है इसलिए प्रशासनिक अमला फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। धर्म सभा को लेकर अधिकारी काफी तोल-मोल कर ही जुबान खोल रहे हैं। अलबत्ता, खुफिया एजेंसियां जरूर सक्रिय हो गई हैं।
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आयोजकों की गतिविधियों पर खुफिया नजर रखी जा रही है। यह टोह लेने की कोशिश की जा रही है कि 25 नवंबर को जुटने वाला हुजूम कोई अप्रत्याशित कदम तो नहीं उठा सकता है? धर्म संसद में 2 लाख से ज्यादा लोगों के जुटने का अनुमान है। फिलहाल मुख्यालय स्तर से फैजाबाद पुलिस से पूछा गया है कि उन्हें कितनी फोर्स की आवश्यकता है।

भाजपा भी सक्रिय

अयोध्या में प्रस्तावित धर्मसभा घोषित तौर पर विहिप की है लेकिन इसको कामयाब बनाने के लिए सत्तारूढ़ दल भाजपा के विधायक भी सोशल मीडिया पर खासे सक्रिय नजर आ रहे हैं। हर विधानसभा से बड़ी संख्या में समर्थकों को अयोध्या ले जाने की तैयारी है लेकिन पुलिस महकमा इन सारी हलचलों को लेकर फिलहाल अभी बेखबर बना हुआ है।

इकबाल अंसारी जता चुके हैं अनहोनी की आशंका

राम जन्मभूमि मामले में बाबरी मस्जिद के मुद्दई इकबाल अंसारी इस आयोजन को लेकर पहले ही आशंका जता चुके हैं। अंसारी का कहना है कि अयोध्या में भीड़ जुटाकर 1992 जैसा माहौल बनाया जा रहा है। बकौल अंसारी वह खुद और अल्पसंख्यक समुदाय इस मौके पर किसी तरह की अनहोनी को लेकर आशंकित है और असुरक्षित महसूस कर रहा है। अंसारी ने सुरक्षा की मांग उठाई है। इससे भी पुलिस पर सुरक्षा व कानून-व्यवस्था को लेकर दबाव बढ़ गया है। 

पुलिस की नहीं दिखाई दे रही तैयार

इतने बड़े आयोजन के लिहाज से स्थानीय स्तर पर पुलिस प्रशासन की फिलहाल तैयारियां नजर नहीं आ रही हैं। डीजीपी मुख्यालय के सूत्रों की मानें तो अभी तक जिला प्रशासन की ओर से इस आयोजन को लेकर न तो कोई रिपोर्ट भेजी गई है और न ही फोर्स की मांग की गई है। खुफिया एजेंसियों को जरूर सक्रिय कर दिया है। 

सूत्रों का कहना है कि खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा का खाका तैयार करने की तैयारी है। लखनऊ जोन के एडीजी राजीव कृष्ण का कहना है कि  अभी इस कार्यक्रम में समय है। सोमवार तक इसे लेकर रणनीति बनाई जाएगी। वहीं डीजीपी मुख्यालय ने अपने स्तर पर इसके लिए कवायद शुरू कर दी है। धर्मसभा के दौरान किसी तरह कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़ने देने और लोगों को कम से कम दुश्वारी का सामना करना पड़े, इसके लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। 

डीजीपी का दावा, चाक चौबंद रहेगी व्यवस्था

पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि आयोजन के मद्देनजर पुलिस की ओर से पूरे प्रबंध किए जाएंगे। किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। डीजीपी ने शनिवार को बताया कि अयोध्या में होने वाले कार्यक्रम के लिए अभी एसएसपी फैजाबाद की रिपोर्ट नहीं आई है। न ही फोर्स की अब तक कोई मांग की गई है। यह कार्यक्रम 25 नवंबर को है और इसमें अभी थोड़ा समय है। फोर्स की मांग और तैनाती को देखते हुए आगे के  बारे में निर्णय किया जाएगा। जहां तक इकबाल अंसारी की ओर से जताई गई आशंका का सवाल है तो इस पर पहले ही कह चुके हैं कि पूरे प्रदेश के नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस की है। इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। 

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