फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   police meeting

हर थाने में सीओ ने मातहतों को पढ़ाया बाल अपराध का सबक

Mon, 01 Jul 2019 02:03 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jul 2019 02:03 AM IST
विज्ञापन
police meeting
प्रभारी निरीक्षक से लेकर होमगार्ड तक को किया जागरूक, नाबालिग का उत्पीड़न हुआ तो खैर नहीं
विज्ञापन

पीजीआई थानाक्षेत्र की तेलीबाग चौकी पर किशोर को बंधक बनाकर बेतहाशा पिटाई को लेकर फजीहत से चेते पुलिस अफसर मातहतों को जागरूक करने में जुट गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की हिदायत पर सभी क्षेत्राधिकारियों ने रविवार को सर्किल के प्रत्येक थाने पर क्लास लगाई और प्रभारी निरीक्षक से लेकर होमगार्ड तक को किशोर न्याय अधिनियम का सबक पढ़ाया। कहा कि नाबालिग का उत्पीड़न हुआ तो खैर नहीं।
सभी क्षेत्राधिकारियों ने थाने में मातहतों को किशोर न्याय अधिनियम और बाल अपराध से संबंधित जानकारी दी।
प्रभारी निरीक्षक से लेकर होमगार्ड तक को बताया गया कि नाबालिग द्वारा अपराध की शिकायत मिलते ही क्षेत्राधिकारी को जानकारी दी जाएगी।
सात साल से कम के अपराध में नाबालिग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होगी। पूछताछ का तो सवाल ही नहीं उठता। थाने के रोजनामचे में लिखापढ़ी करके अभिभावक को जानकारी दी जाएगी कि नाबालिग को किस तिथि को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करना है।
विज्ञापन

संगीन अपराध में भी नाबालिग के हित में ही बाल कल्याण अधिकारी द्वारा उसे अभिरक्षा में लिया जाएगा। बाल कल्याण अधिकारी सादे कपड़े में उसके सामने जाएंगे। अपचारी को विशेष किशोर इकाई ले जाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

नाबालिग से किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं कराए जाएंगे। पिटाई दूर उससे सख्त लहजे में बात नहीं की जाएगी। उसे किसी भी दशा में रात को थाने में या पुलिसकर्मी के घर पर नहीं रखा जाएगा।
नाबालिग को संप्रेक्षण गृह या उपयुक्त सुविधा में पहुंचाया जाएगा और 24 घंटे के भीतर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। किसी भी नाबालिग के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसकी सामाजिक पृष्ठभूमि व अन्य महत्वपूर्ण परिस्थितियों की जानकारी करके बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत की जाएंगी।
नाबालिग पर जुल्म किया तो जेल
क्षेत्राधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिग को किसी भी दशा में हवालात में बंद नहीं किया जाएगा। उससे हथकड़ी या जंजीर नहीं लगाई जाएगी। किसी प्रकार का दबाव या बल का प्रयोग नहीं होगा। नाबालिग के खिलाफ शिकायत मिलने पर उसके अभिभावक को तुरंत जानकारी दी जाएगी। प्राथमिकी दर्ज होने की दशा में उसे प्रतिलिपि देनी होगी। नाबालिग को दुभाषिया, निशुल्क विधिक सहायता व अन्य सुविधाएं देनी होंगी। नाबालिग को प्रताड़ित किए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी पर प्राथमिकी दर्ज करके विधिक कार्रवाई होगी।

संतरी व मुंशी को विशेष हिदायत
क्षेत्राधिकारी ने थाने-चौकी पर संतरी और मुंशी की ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को विशेष हिदायत दी। कहा कि थाने आने वाले व्यक्ति का सबसे पहले संतरी से सामना होता है। वह किसी बच्चे को पकड़कर लाया जाता देख तत्काल उच्चाधिकारी को जानकारी देगा। इसी तरह थाने का मुंशी ध्यान रखेगा कि नाबालिग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न हो। नाबालिग के खिलाफ शिकायत मिलने पर तुरंत क्षेत्राधिकारी को जानकारी देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed