पिकप भवन में अग्निकांड: कर्मचारियों की कुंडली तैयार कर रही पुलिस, अब तक 30 लोगों से पूछताछ
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पिकप भवन अग्निकांड में गुजरात से आई फोरेंसिक टीम ने रविवार को तीन घंटे तक महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। टीम ने कार्यालय में किसी ज्वलनशील पदार्थ के न होने की पुष्टि करने के साथ ही शॉर्ट सर्किट से अचानक इतनी बड़ी आग लगने पर संदेह जताया है।
टीम ने भी पहली मंजिल पर सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ भी की। वह तीन दिन में अपनी रिपोर्ट प्रदेश सरकार को देगी। शनिवार को प्रदेश सरकार की जांच समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में साजिशन आग की ओर इशारा किया था।
प्रदेश सरकार की पहल पर गुजरात के अहमदाबाद स्थित फोरेंसिक साइंस विश्वविद्यालय के सतीश चंद्र खंडेलवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम राजधानी पहुंची। इसमें सीडी बापोदरा और एके शर्मा भी शामिल थे। टीम नमूनों को सीलबंद कर अपने साथ ले गई है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम इस बात पर भी फोकस कर रही है कि अग्निकांड हादसा था या फिर साजिश। अग्निकांड में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज राख हो गए हैं। आशंका है कि ये सभी किसी घोटाले से जुड़े थे। संभवत: इन्हें नष्ट करने के लिए ही आग का सहारा लिया गया है।
इन कर्मचारियों से हुई पूछताछ
पिकप भवन में हुए अग्निकांड में पुलिस कर्मचारियों की कुंडली तैयार कर रही है। एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक, तीन दिनों में पिकअप भवन में तैनात अधिकारी, कर्मचारी व सुरक्षाकर्मिर्यों समेत 30 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। रविवार को गुजरात की फोरेंसिक टीम ने भी पिकप भवन की पहली मंजिल पर सुरक्षाकर्मियों से अलग-अलग पूछताछ की।
इनमें नाइट शिफ्ट के सुपरवाइजर बीआर सिंह, सुपरवाइजर एके त्रिवेदी, आरसी यादव, जीतेश सिंह, लालमणि, सुमित कुमार, राजेंद्र प्रसाद यादव, सुच्चाराम, नारायण पुरी, मनोज गुप्ता और एनके सिंह हैं। सफाई कर्मचारियों व सुपरवाइजरों में शुभम व विजय, मेंटेनेंस सुपरवाइजर बृजभूषण से भी पूछताछ की गई।
फोरेंसिक टीम दोपहर करीब 12.48 बजे पिकप भवन पहुंची। इसके कुछ देर बाद ही आईजी एसके भगत व एसएसपी कलानिधि नैथानी पहुंच गए। यहां तीन थानों की पुलिस तैनात की गई थी। घटना स्थल पर जांच दल, आईजी व एसएसपी के अलावा अन्य किसी को प्रवेश नहीं दिया गया।
करीब डेढ़ घंटे बाद आईजी एसके भगत व एसएसपी कलानिधि नैथानी पिकप भवन से निकल गए। टीम करीब पांच बजे विभूतिखंड थाने पहुंची और यहां विशेष टीम और स्थानीय फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट की पड़ताल की।
यह था मामला
विभूतिखंड थानाक्षेत्र के पिकप भवन में बुधवार शाम 7.15 बजे लगी आग से दूसरी और तीसरी मंजिल पर प्रादेशिक औद्योगिक विकास विभाग के मुख्य व वित्त एवं लेखा विभाग के महत्वपूर्ण दस्तावेज राख हो गये थे। शुरुआत में आग शॉर्ट सर्किट से लगने की आशंका जाहिर की गई थी।
मामले की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष टीम ने 48 घंटे में रिपोर्ट शासन को दी थी। इसी के आधार पर शनिवार को अज्ञात के खिलाफ विभूतिखंड थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मामले की जांच अतिरिक्त निरीक्षक अपराध रमेश पांडेय कर रहे हैं।