लाठियां चलाने के बाद विधायक की खातिरदारी में जुटी पुलिस
- रात का सन्नाटा गहराते ही बदल गया पुलिस लाइन का नजारा
- दरी हटाकर डाले पलंग, रूम फ्रेशनर छिड़का
- जेलर संजीव सिंह को भी विधायक ने दिखाया रौब
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रिजर्व पुलिस लाइन का नजारा बृहस्पतिवार रात सन्नाटा गहराते ही बदल गया। विधायक रामपाल यादव और उनके रिश्तेदारों को लाठियों से पीटने वाली पुलिस चंद घंटे बाद ही सबकी खातिरदारी में जुटी नजर आई।
संगोष्ठी कक्ष में विधायक के लिए जमीन पर बिछाई गई दरी हटाकर पलंग डाल दिए गए। रूम फ्रेशनर छिड़ककर एसी और पंखे चला दिए गए। विधायक को मच्छरों के डंक चुभे तो खुशबूदार रिपलेंट लग गया।
सुबह करीब सात बजे ही विधायक सहित सबकी नींद खुल गई। इससे पहले ही पुलिस लाइन में समर्थक जुट गए थे। टूथपेस्ट-ब्रश, साबुन, कपड़े, तौलिया और मिनरल वॉटर की बोतलें रात में ही उनके पास पहुंचा दी गई थीं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुबह विधायक सहित सभी को नाश्ते में आईटी चौराहे के पास स्थित एक प्रसिद्ध दुकान से खस्ते-कचौड़ी दी गईं। परिवर्तन चौक से स्वादिष्ट मट्ठा मंगाया गया। नाश्ते के बाद विधायक रामपाल यादव ने अखबार मंगाकर अपनी खबर पढ़ी।
क्यों नाराज है सरकार, इस पर होती रही चर्चा
परिवार के कुछ लोग मिलने आए तो संगोष्ठी कक्ष में कुर्सियां डाल दी गईं। हालांकि, समर्थकों को सुबह भी विधायक से नहीं मिलने दिया गया। सुबह दस बजे तक गौतमपल्ली एसओ सुरेंद्र कटियार भी पुलिस लाइन पहुंच गए।
विधायक सहित सभी नौ आरोपियों को कोर्ट में पेश करने से पहले कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। दोपहर लगभग 12 बजे सभी को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट ले जाया गया।
पुलिस लाइन में विधायक और अन्य लोगों की सुख-सुविधाओं का पूरा इंतजाम किया गया था। इसके बावजूद किसी को नींद नहीं आई। संगोष्ठी कक्ष की लाइट रात करीब दो बजे तक जलती रही।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि भीतर सभी लोग कॉम्प्लेक्स अचानक ढहाए जाने को लेकर चर्चा करते रहे। सरकार क्यों नाराज है। इसके पीछे किसका हाथ है। आगे क्या होगा। सीतापुर के राजनीतिक समीकरण क्या होंगे। चुनाव की रणनीति क्या होनी चाहिए।
जेल पहुंचकर विधायक ने की बड़ा गेट खुलवाने की मांग
सरकार और कितना नुकसान कर सकती है। जेल जाने का फायदा मिलेगा या नुकसान होगा? इस पर विधायक अपने समधी पूर्व विधायक राजेंद्र यादव से चर्चा करते रहे। रात करीब सवा दो बजे संगोष्ठी कक्ष की लाइट बंद करके सभी सो गए।
शाम करीब साढ़े पांच बजे विधायक और उनके साथ गिरफ्तार आठ अन्य आरोपियों को पुलिस जेल लेकर पहुंची। यहां विधायक होने का रौब झाड़ते हुए रामपाल यादव ने बड़ा गेट खुलवाने की मांग की।
जेल गेट पर मौजूद स्टाफ विधायक की हनक के आगे सहम गए। उन्होंने जेल अधिकारियों को सूचना दी। जेलर संजीव सिंह मौके पर पहुंचे तो विधायक ने उन्हें भी रौब दिखाया। कहा कि वह विधायक हैं इसलिए बड़ा गेट खोला जाए।
जेलर ने कहा कि यहां आने वाले सभी लोग बराबर होते हैं। इसलिए बड़ा गेट नहीं खुलेगा। बहस के बावजूद जेल प्रशासन नहीं माना तो विधायक को छोटे गेट से झुककर ही जेल के भीतर जाना पड़ा। जेलर ने कहा कि विधायक व अन्य आरोपियों को सामान्य बैरक में रखा गया है जबकि भारती यादव को महिला बैरक में भेजा गया है।