बलरामपुर दुष्कर्म कांड में भी रात को ही कर दिया शव का अंतिम संस्कार, पुलिस बोली-परिजन राजी थे
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हाथरस के दिल दहला देने वाले दुष्कर्म कांड में पीड़िता के शव का परिजनों के विरोध के बावजूद जबरन रात में ही अंतिम संस्कार कर देने के बाद पुलिस ने बलरामपुर में भी दुष्कर्म पीड़िता के शव का बुधवार रात ही अंतिम संस्कार कर दिया।
मामले में पुलिस का कहना है कि अंतिम संस्कार परिजनों की इच्छा के अनुसार ही किया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव दिया गया और बुधवार रात करीब 9.00 बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पूरे मामले में प्रशासन सक्रिय नजर आ रहा है। गुरुवार सुबह जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश और पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें दो आरोपियों को गिरफ्तार करने और फिर जेल भेज देने की जानकारी दी।
प्रशासन की तरफ से परिजनों को छह लाख, 18 हजार, 750 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक एके मिश्र कर रहे हैं। अन्य पक्षों की जांच के लिए टीम बनाकर छानबीन की जा रही है। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में जो भी दोषी होगा उसे कठोर सजा दिलाई जाएगी।
उधर, बसपा नेता जेबा रिजवान बुधवार को ही पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों से मुलाकात की। वहीं, गुरुवार को सपा नेता व पूर्व मंत्री डॉ. एसपी यादव पीड़िता के घर पहुंचे पहुंचे और उनका हालचाल लिया।
यह था पूरा मामला
बलरामपुर जिले के गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र में घर से दाखिला कराने निकली छात्रा को गांव के ही कुछ दरिंदों ने घर में बंद कर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद घर पहुंची छात्रा ने मां को पूरी घटना बताई। घर वाले उसे लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
मां ने बताया कि देर शाम तक नहीं लौटे पर उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच छात्रा बदहवास एवं गंभीर हालत में घर पहुंची। उसने परिजनों को आपबीती सुनाई और कहा कि उसे एक युवक कॉलेज ले गया था। प्रवेश के बाद वही युवक उसे गैसड़ी बाजार में अपने घर ले गया।
वहां उसने तथा उसके चाचा ने उससे दुष्कर्म और दरिंदगी की। हालत खराब होने पर आरोपियों ने एक निजी चिकित्सक को बुलाया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सक ने इलाज करने से मना कर दिया तो दोनों आरोपी छात्रा को घर छोड़ आए।