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रोड रेज या लूटपाट के दौरान तो नहीं मारे गए आईएएस!
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 26 May 2017 12:42 PM IST
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आईएएस अनुराग तिवारी
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कर्नाटक काडर के आईएएस अधिकारी अनुराग तिवारी (35) की लखनऊ में संदिग्ध हालात में हुई मौत के नौ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इस हाई प्रोफाइल केस की जांच सीबीआई को ट्रांसफर होने की बात मानकर बैठी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) भी अब विवेचना के नाम पर खानापूरी करने में जुट गई है।
यही वजह है कि बुधवार रात बहराइच पहुंची एसआईटी ने मुकदमे के वादी व आईएएस के बड़े भाई मयंक तिवारी के बयान दर्ज नहीं किए। एसआईटी प्रभारी व सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा का कहना है कि मयंक बहराइच में नहीं थे।
आईएएस अफसर की मौत की जांच में राजधानी पुलिस सिर्फ औपचारिकता निभा रही है। आईएएस का शव 17 मई की सुबह मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्टहाउस के पास सड़क पर पड़ा मिला था।
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पुलिस शुरुआत से ही उनकी मौत को हादसा बताने पर तुली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के बाद भी पुलिस और फॉरेंसिक लैब के एक्सपर्ट्स अपने-अपने तर्क देने में जुटे रहे।
सोमवार को आईएएस के बड़े भाई मयंक तिवारी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद हजरतगंज कोतवाली में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई, फिर भी पुलिस गंभीर नहीं हुई।
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यही वजह है कि बुधवार रात बहराइच पहुंची एसआईटी ने मुकदमे के वादी व आईएएस के बड़े भाई मयंक तिवारी के बयान दर्ज नहीं किए। एसआईटी प्रभारी व सीओ हजरतगंज अवनीश कुमार मिश्रा का कहना है कि मयंक बहराइच में नहीं थे।
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आईएएस अफसर की मौत की जांच में राजधानी पुलिस सिर्फ औपचारिकता निभा रही है। आईएएस का शव 17 मई की सुबह मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्टहाउस के पास सड़क पर पड़ा मिला था।
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पुलिस शुरुआत से ही उनकी मौत को हादसा बताने पर तुली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत के बाद भी पुलिस और फॉरेंसिक लैब के एक्सपर्ट्स अपने-अपने तर्क देने में जुटे रहे।
सोमवार को आईएएस के बड़े भाई मयंक तिवारी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद हजरतगंज कोतवाली में हत्या की एफआईआर दर्ज कराई, फिर भी पुलिस गंभीर नहीं हुई।
कर्नाटक के अफसरों से भी नहीं किया संपर्क
डेमो
- फोटो : डेमो
अब तक इस केस की जांच और विवेचना के नाम पर पुलिस ने सिर्फ आईएएस के साथ रहे एलडीए वीसी पीएन सिंह और स्टेट गेस्टहाउस के कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के अलावा कोई उल्लेखनीय काम नहीं किया।
बुधवार को एसआईटी ने बहराइच जाकर आईएएस के परिवारीजनों के बयान दर्ज किए लेकिन केस के वादी मयंक का बयान दर्ज किए बगैर लखनऊ लौट आई। एसआईटी की इस हड़बड़ाहट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सवाल उठ रहे हैं कि अगर मयंक बहराइच में नहीं थे तो एसआईटी वहां गई ही क्यों? बहराइच जाने से पहले उसने परिवारीजनों से बात करके सभी सदस्यों का घर पर मौजूद रहना सुनिश्चित क्यों नहीं किया? इन सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं हैं।
पुलिस की लापरवाही के चलते विसरा की जांच भी अटकी हुई है। बीते दो दिन से विसरा की जांच के लिए एम्स और सेंट्रल फॉरेंसिक लैब से पुलिस अधिकारी चिट्ठी-चिट्ठी का खेल खेल रहे हैं।
केजीएमयू में आईएएस के दिल की जांच भी अभी तक नहीं हो सकी है। राजधानी पुलिस मामले की छानबीन के लिए कर्नाटक भी नहीं जा सकी है। वहां आईएएस अनुराग तिवारी के विभाग के लोगों से संपर्क करने पर ऐसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं जिनसे केस को सही दिशा मिल जाए।
बंगलूरू में अनुराग जिस घर में रहते थे, उसकी पड़ताल में भी कई सुराग मिल सकते हैं। अब तक इन बिंदुओं की अनदेखी से पुलिस की भूमिका कठघरे में है।
बुधवार को एसआईटी ने बहराइच जाकर आईएएस के परिवारीजनों के बयान दर्ज किए लेकिन केस के वादी मयंक का बयान दर्ज किए बगैर लखनऊ लौट आई। एसआईटी की इस हड़बड़ाहट को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सवाल उठ रहे हैं कि अगर मयंक बहराइच में नहीं थे तो एसआईटी वहां गई ही क्यों? बहराइच जाने से पहले उसने परिवारीजनों से बात करके सभी सदस्यों का घर पर मौजूद रहना सुनिश्चित क्यों नहीं किया? इन सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं हैं।
पुलिस की लापरवाही के चलते विसरा की जांच भी अटकी हुई है। बीते दो दिन से विसरा की जांच के लिए एम्स और सेंट्रल फॉरेंसिक लैब से पुलिस अधिकारी चिट्ठी-चिट्ठी का खेल खेल रहे हैं।
केजीएमयू में आईएएस के दिल की जांच भी अभी तक नहीं हो सकी है। राजधानी पुलिस मामले की छानबीन के लिए कर्नाटक भी नहीं जा सकी है। वहां आईएएस अनुराग तिवारी के विभाग के लोगों से संपर्क करने पर ऐसी कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं जिनसे केस को सही दिशा मिल जाए।
बंगलूरू में अनुराग जिस घर में रहते थे, उसकी पड़ताल में भी कई सुराग मिल सकते हैं। अब तक इन बिंदुओं की अनदेखी से पुलिस की भूमिका कठघरे में है।
तनाव के चलते पीने लगे थे काफी सिगरेट
डेमो
आईएएस अनुराग तिवारी की मौत कहीं रोड रेज अथवा लूटपाट के दौरान तो नहीं हुई? कर्नाटक सरकार में बडे़ घोटाले की शिकायत पर हत्या की आशंका के अलावा पुलिस इस बिंदु पर भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि अनुराग अपनी नौकरी के कारण तनाव में थे और काफी सिगरेट पीने लगे थे। उनके कमरे से क्लासिक ब्रांड की 20 सिगरेट वाला खाली पैकेट और सिगरेट के 20 टोटे मिले थे।
ऐसी आशंका है कि रात को फोन पर बातचीत और चैटिंग करते हुए उन्होंने सिगरेट की पूरी डिब्बी खत्म कर डाली। इसके बाद वह श्रीराम टॉवर या नरही इलाके से सिगरेट लेने गेस्टहाउस से निकले और बाहर निकलते ही बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया।
आईएएस के पास दो मोबाइल फोन होने की बात कही जा रही है। हो सकता है कि एक मोबाइल फोन उन्होंने गेस्टहाउस के कमरे में चार्जिंग पर लगा दिया हो और आईफोन का एप्पल मोबाइल फोन लेकर सिगरेट लेने जा रहे हों।
सड़क पर पैदल चलते हुए वह मोबाइल पर चैटिंग या बातचीत कर रहे हों, तभी बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से उनका मुंह दबोच लिया और मोबाइल फोन छीनकर भाग गए। मुंह दबाने से उनका दम घुट गया और मौत हो गई।
पुलिस को यह भी आशंका है कि सड़क पर चलते हुए किसी से झगड़े के बाद उनके साथ मारपीट की गई और मुंह दबा दिया गया जिससे दम घुट गया। यह घटनाक्रम आधी रात को सन्नाटे के दौरान हुआ होगा।
अनुराग चप्पल, लोअर और कुर्ता पहने थे, इसलिए हमलावर या लुटेरे उनकी शख्सियत का अंदाजा नहीं लगा सके। गेस्टहाउस और आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं जिस कारण कोई गवाह नहीं मिल पा रहा है।
पुलिस सूत्रों का मानना है कि अनुराग अपनी नौकरी के कारण तनाव में थे और काफी सिगरेट पीने लगे थे। उनके कमरे से क्लासिक ब्रांड की 20 सिगरेट वाला खाली पैकेट और सिगरेट के 20 टोटे मिले थे।
ऐसी आशंका है कि रात को फोन पर बातचीत और चैटिंग करते हुए उन्होंने सिगरेट की पूरी डिब्बी खत्म कर डाली। इसके बाद वह श्रीराम टॉवर या नरही इलाके से सिगरेट लेने गेस्टहाउस से निकले और बाहर निकलते ही बदमाशों ने उन्हें निशाना बना लिया।
आईएएस के पास दो मोबाइल फोन होने की बात कही जा रही है। हो सकता है कि एक मोबाइल फोन उन्होंने गेस्टहाउस के कमरे में चार्जिंग पर लगा दिया हो और आईफोन का एप्पल मोबाइल फोन लेकर सिगरेट लेने जा रहे हों।
सड़क पर पैदल चलते हुए वह मोबाइल पर चैटिंग या बातचीत कर रहे हों, तभी बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से उनका मुंह दबोच लिया और मोबाइल फोन छीनकर भाग गए। मुंह दबाने से उनका दम घुट गया और मौत हो गई।
पुलिस को यह भी आशंका है कि सड़क पर चलते हुए किसी से झगड़े के बाद उनके साथ मारपीट की गई और मुंह दबा दिया गया जिससे दम घुट गया। यह घटनाक्रम आधी रात को सन्नाटे के दौरान हुआ होगा।
अनुराग चप्पल, लोअर और कुर्ता पहने थे, इसलिए हमलावर या लुटेरे उनकी शख्सियत का अंदाजा नहीं लगा सके। गेस्टहाउस और आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं जिस कारण कोई गवाह नहीं मिल पा रहा है।