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लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की वेबसाइट हुई लांच, जानें- ये हैं खासियतें
Mon, 07 Sep 2020 05:17 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 07 Sep 2020 05:17 PM IST
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पुलिस कमिश्नर की वेबसाइट लांच
- फोटो : amar ujala
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पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने सोमवार शाम को पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ का वेबसाइट लांच किया है। इसमें पुलिस अधिकारियों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है। वही जनता के लिए कई सुविधाजनक लिंक उपलब्ध कराए गए हैं। इसी वेबसाइट पर आम जनता चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और किरायेदार सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी आसानी से कर सकती है।
इसके अलावा एक सिटीजन है आपका भी उद्घाटन किया गया है जिसमें पब्लिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे के मुताबिक वेबसाइट के जरिए पासपोर्ट चरित्र और किराएदार ही सत्यापन में जो समय 2 से 3 महीने लगते थे अब महज 7 दिनों में यह काम आसानी से हो जाएगा इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए ऑनलाइन बैंकिंग की भी व्यवस्था इसी में की गई है।
ताकि आसानी से लोग अपना निर्धारित शुल्क जमा कर सकें पुलिस कमिश्नर का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगेगा। इसमें यह भी सुविधा दी गई है। अगर प्रमाण पत्र जारी होने में 7 दिन से अधिक का समय लगता है। तो आवेदक वेबसाइट पर जाकर अपनी फाइल की पोजीशन चेक कर सकता है कि उनकी फाइल किस स्थल पर या किस कार्यालय में रुकी हुई है। इस पर मॉनिटरिंग लगातार की जाएगी।
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वहीं आने या किसी कार्यालय में फाइल रोकी गई तो इसका सिग्नल भी वेबसाइट पर आने लगेगा। जिसके बाद संबंधित के खिलाफ पहले नोटिस जारी की जाएगी। फाइल रोकने में सही कारण नहीं मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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इसके अलावा एक सिटीजन है आपका भी उद्घाटन किया गया है जिसमें पब्लिक सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करा सकती है पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे के मुताबिक वेबसाइट के जरिए पासपोर्ट चरित्र और किराएदार ही सत्यापन में जो समय 2 से 3 महीने लगते थे अब महज 7 दिनों में यह काम आसानी से हो जाएगा इसके लिए निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए ऑनलाइन बैंकिंग की भी व्यवस्था इसी में की गई है।
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ताकि आसानी से लोग अपना निर्धारित शुल्क जमा कर सकें पुलिस कमिश्नर का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार पर नियंत्रण लगेगा। इसमें यह भी सुविधा दी गई है। अगर प्रमाण पत्र जारी होने में 7 दिन से अधिक का समय लगता है। तो आवेदक वेबसाइट पर जाकर अपनी फाइल की पोजीशन चेक कर सकता है कि उनकी फाइल किस स्थल पर या किस कार्यालय में रुकी हुई है। इस पर मॉनिटरिंग लगातार की जाएगी।
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वहीं आने या किसी कार्यालय में फाइल रोकी गई तो इसका सिग्नल भी वेबसाइट पर आने लगेगा। जिसके बाद संबंधित के खिलाफ पहले नोटिस जारी की जाएगी। फाइल रोकने में सही कारण नहीं मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
14 हजार से अधिक कैमरे 112 से जुड़े
राजधानी में अपराधियों पर नियंत्रण करने के लिए सीसीटीवी कैमरा की संख्या बढ़ाई गई है । राजधानी में वर्तमान समय में करीब 14000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे हैं इन्हें सेंट्रलाइज व्यवस्था के तहत 112 से जोड़ दिया गया है ।ताकि कोई वारदात होने से तत्काल पुलिस फुटेज के जरिए अपराधियों को पकड़ सके। इसमें व्यापारियों और आम लोगों द्वारा अपने घरों में लगाए गए कैमरे भी शामिल हैं।