फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   police arrested three people with fake currency

गाड़ियों की चेकिंग कर रही पुलिस के उड़े होश, जब मिले 32 लाख के जाली नोट

Thu, 20 Sep 2018 09:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 20 Sep 2018 09:00 PM IST
विज्ञापन
police arrested three people with fake currency
गिरफ्तार अपराधियों के साथ एसएसपी कलानिधी नैथानी
अलीगंज पुलिस ने केन्द्रीय विद्यालय के पास से बृहस्पतिवार सुबह तीन जालसाजों को दबोच लिया। जालसाजों के पास से पुलिस ने 32 लाख रुपये जाली नोट बरामद किया। यह रकम दो-दो हजार के 16 बंडल थे। पुलिस के मुताबिक यह रकम एक एनजीओ के संचालक को देने के लिए आये थे। जो इसके बदले उनके खाते में रकम जमा कराता।
विज्ञापन


एसएसपी कलानिधि नैथानी के मुताबिक अलीगंज पुलिस की टीम बृहस्पतिवार सुबह जांच कर रही थी। इसी बीच केन्द्रीय विद्यालय के पास एक कार संदिग्ध खड़ी दिखी। जिसमें तीन लोग बैठे थे। पुलिस ने पूछताछ की और कार की तलाशी ली।
विज्ञापन


कार में एक बैग में रखा हुआ 32 लाख रुपये बरामद हुआ। जो जाली नोट थे। यह नोट 16 बंडल में दो-दो हजार रुपये के थे। पुलिस के मुताबिक यह नोट सामान्य पेपर स्कैन किये गये थे। पकड़े गये जालसाजों में फतेहपुर के मित्तई खेड़ा निवासी मनीष कुमार, कोड़ा जहानाबाद का यमन पटेल उर्फ राहुल और औरैया केनेहरूनगर निवासी अमित कुमार अरुण शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जाली नोटों से खरीद चुके हैं ऐशोआराम के सामान

एसएसपी ने बताया कि जालसाज जाली नोट चलाने का अवैध धंधा पहले छोटे पैमाने पर करते थे। वह दो हजार रुपये के दो से 10 नोट स्कैन कर जाली करेंसी तैयार करते। इसके बाद बाजारों में देर शाम को जाकर खरीददारी करते। इन जाली नोटों को चलाने के लिए ये जालसाज शराब, बीयर व कपड़ों की दुकान में खरीददारी करते थे। इन स्थानों में पहले असली नोट के साथ नकली को देते थे। इसके बाद एक-दो नोट नकली देकर सामान खरीदने लगे। जब उनको विश्वास हो गया कि अब इन नोटों को कोई पकड़ नहीं पा रहा है। तो बडे़ पैमाने पर जाली नोट का अवैध कारोबार करने की योजना तैयार की।

एनजीओ को बनाय निशाना, दिया डेढ़ गुना रकम देने का ऑफर

क्षेत्राधिकारी अलीगंज दीपक कुमार सिंह ने बताया कि जालसाजों ने अपने काले कारोबार के लिए एनजीओं को निशाना बनाया। करीब दो से तीन दर्जन एनजीओ से संपर्क किया। उनको काला धन को सफेद करने के लिए कहा। ऑफर दिया कि एक लाख रुपये संस्था हमारे खाते में आरटीजीएस कर दे तो उसके बदले डेढ़ लाख रुपये उनको नकद दे देंगे।

इस तरह उनका काला धन खप जायेगा। संस्था को एक मुश्त रकम भी नकद मिल जाएगी। इसी लालच में आकर कई एनजीओ ने जालसाजों से संपर्क करने लगे। इसी योजना को अमली जामा पहनाने के  लिए जालसाज लखनऊ पहुंचे। यहां पर भी एक एनजीओ को अपने जाल में फंसा लिया था। एक एनजीओ से सौदा भी तय हो गया। उसी एनजीओ संचालक से मिलने जा रहे थे। इसके पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गये।

खादी ग्रामोद्योग विभाग एडीओ चलाता जालसाजों का गिरोह

क्षेत्राधिकारी दीपक कुमार सिंह ने बताया कि जालसाजों का यह गिरोह मनीष कुमार खादी ग्रामोद्योग विभाग का सहायक विकास अधिकारी चलाता था। इस गिरोह का मास्टर माइंड इलाहाबाद में तैनात था। यह जालसाजी करने की योजना उसके सगे फुफेरे भाई यमन पटेल उर्फ राहुल ने तैयार की।

राहुल ने मनीष को बताया कि उसके पास काफी भारी संख्या में जाली नोट है। उसे एनजीओ के जरिए असली बनाया जा सकता है। इसके लिए डेढ़ गुना रकम देने का वादा किया। राहुल ने ही फतेहपुर में नोट स्कैनिंग, प्रिंटर के बारे में जानकारी दी। इन नोटों को लखनऊ और आसपास के जिलों में बदलकर असली बनाया जा सकता है। लेकिन उनकी चालाकी नहीं सफल हो सकी। वह पुलिस के हत्थे चढ़ गये।

सचिवालय पास लगे कार से करते थे अवैध कारोबार 

प्रभारी निरीक्षक अलीगंज अजय कुमार यादव ने बताया कि यह काफी बड़ा गिरोह है। इसके सदस्य लखनऊ से इलाहाबाद तक फैले हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। जल्द ही अन्य सदस्य भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक जालसाजों की पकड़ सचिवालय तक थी। उनके कार पर सचिवालय का पास लगा हुआ था। जिसका रौब दिखाकर वह अक्सर एनजीओ और अन्य लोगों को अर्दब में लेते थे। इसी कारण उनका यह गोरखधंधा चल निकला। पुलिस आरोपियों केफतेहपुर स्थित मुख्यालय पर छापेमारी की तैयारी कर रही है। ताकि वहां से मिलने वाले दस्तावेजों के जरिए इनका हवाला या आतंकी संगठनों से संपर्क तलाश जा सके।

10 हजार का मिला इनाम

एसएसपी कलानिधि नैथानी ने जाली नोटों के अवैध कारोबार का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। आरोपियों को दबोचने में प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार के अलावा दरोगा विश्वनाथ प्रताप सिंह, उमाशंकर यादव, कांस्टेबल मिथिलेश गिरि, राहुल तालियान, अमरदीप गहलौत, दीपक बालियान व हिमांशू ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed