एटीएम काटने में माहिर है 'एटीएम बाबा': बिहार में बैठे-बैठे कहीं भी करा देते हैं वारदात, 39 लाख की लूट की थी
एटीएम बाबा के गिरोह में कुल 13 सदस्य हैं जिसमें से नौ अभी फरार हैं। इनमें चार मेवाती भी हैं। इनके बारे गिरफ्तार किए गए लोगों ने खुलासा किया है।
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बिहार के एटीएम बाबा के गिरोह ने एसबीआई का एटीएम काटकर 39.58 लाख रुपये पार किए थे। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया है। गिरोह में सरगना दंपति समेत कुल 13 लोग हैं। अभी नौ आरोपी फरार हैं, जिनमें चार मेवाती हैं। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी की गई रकम में से 9 लाख 13 हजार 500 रुपये बरामद हुए हैं। फरार आरोपियों की तलाश में पांच टीमें लगाई गई हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना बिहार पुलिस का बर्खास्त सिपाही है। उसकी पत्नी ग्राम प्रधान है।
तीन अप्रैल की रात सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में एसबीआई का एटीएम काटकर रकम पार की गई थी। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम नीलाब्जा चौधरी ने बताया कि बिहार के छपरा निवासी सुधीर मिश्रा उर्फ बुलबुल मिश्रा उर्फ एटीएम बाबा के गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया। गिरोह चलाने में सुधीर की पत्नी रेखा मिश्रा की भी भूमिका प्रमुख है।
गिरोह के चार सदस्यों छपरा बिहार निवासी नीरज मिश्रा (सुधीर का भाई), राज तिवारी (सुधीर का ड्राइवर), पंकज कुमार पांडेय व कुमार भास्कर ओझा (सुधीर का जीजा) को गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में बिहार व मेवात में टीमें लगी हैं। वारदात का खुलासा करने वाली टीम को 10 हजार रुपये का इनाम दिया गया है।
दो इंजीनियरों के इशारे पर वारदात
फरार आरोपियों में संतकबीरनगर निवासी विजय पांडेय व देवेश पांडेय की बड़ी भूमिका रही। दोनों सरयू अपार्टमेंट में किराये के फ्लैट में रहते थे। पेशे से दोनों इंजीनियर हैं। ये पहले एटीएम में कैश लोड करने का काम करते थे। दोनों एटीएम के एक्सपर्ट हैं। इनका संपर्क नीरज मिश्रा से था। उसी के साथ मिलकर साजिश रची। जिस एटीएम को निशाना बनाया गया उसकी रेकी देवेश व विजय ने ही कराई। वारदात के वक्त इन दोनों के अलावा नीरज, राज, पंकज, भीम व चारों मेवाती मौजूद थे।
इस तरह पहुंची पुलिस
एटीएम के भीतर घुसते ही शातिरों ने सीसीटीवी पर स्प्रे डाल दिया था। इस वजह से वह उस कैमरे में कैद नहीं हो सके थे। बाहर के फुटेज व गाड़ी नंबर के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि बिहार की बलेनो कार का इस्तेमाल हुआ। जब वह बिहार से आ रहे थे तब और जब वापस गए तब दोनों बार अलग-अलग फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई। घटनास्थल पर तीन मोबाइल नंबर सक्रिय मिले थे। इनको ट्रेस किया, जिसकी मदद से गिरोह तक पुलिस पहुंची।
इसलिए एटीएम बाबा के नाम से है मशहूर
सरगना सुधीर मिश्रा व उसके गिरोह के सदस्यों पर दर्जनों केस दर्ज हैं। कुछ लोगों पर हत्या व लूट के केस भी हैं। सुधीर पर एटीएम काटने संबंधी 10 से अधिक केस हैं। वह पहले भी जेल जा चुका है। इसलिए वह एटीएम बाबा के नाम से मशहूर है। वह खुद बिहार में बैठकर अलग-अलग राज्यों में मेवातियों की मदद से वारदात को अंजाम दिलाता है।
इनकी गिरफ्तारी :
- नीरज मिश्रा, छपरा बिहार
- राज तिवारी, छपरा बिहार
- पंकज कुमार पांडेय, छपरा बिहार
- कुमार भास्कर ओझा, छपरा बिहार
फरार आरोपी :
- विजय पांडेय उर्फ सर्वेश पांडेय, संतकबीरनगर
- भीम सिंह, छपरा बिहार
- देवेश पांडेय, संतकबीरनगर
- सुधीर मिश्रा उर्फ बुलबुल मिश्रा उर्फ एटीएम बाबा, छपरा बिहार
- रेखा मिश्रा, छपरा बिहार
- चार अज्ञात मेवाती