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देखिए रिक्शेवाले के सामने कितनी चालाकी से ई-रिक्शा चुराते थे ये ‘बंटी-बबली’
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 20 Jun 2016 12:11 PM IST
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ई-रिक्शा की ठगी करने वाले दंपति और महिला का भाई
- फोटो : amar ujala
चालकों को झांसा देकर उनका ई रिक्शा लेकर भागने वाले बंटी-बबली को आलमबाग पुलिस ने शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से सात ई-रिक्शा बरामद किए गए हैं। ठगी में उनका साथ देने वाला महिला का भाई भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। पुलिस इनकी काफी दिनों से तलाश कर रही थी।
इंस्पेक्टर आलमबाग परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि बंटी-बबली की पहचान बाराबंकी के रामनगर गोपालपुर पेनापुरवा निवासी सूरज वर्मा और सविता वर्मा के रूप में हुई है। इनके साथ सविता का भाई राजू वर्मा भी पकड़ा गया है।
चेकिंग के दौरान ईको गार्डेन की तरफ से कुंवर जगदीश चौराहे की ओर जाते समय उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अब तक सात ई रिक्शा को ठगने की बात कही। सभी ई रिक्शा को पुलिस ने बरामद कर लिया है। इनमें चार के मालिकों की तलाश कर ली गई है, जबकि तीन के मालिक तलाशे जा रहे हैं।
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सूरज वर्मा और सविता बच्चों को लेकर ई रिक्शा से चारबाग रेलवे स्टेशन आते थे। यहां रिक्शे पर बैठे-बैठे सूरज वर्मा उल्टी करना शुरू कर देता था। इसके बाद सविता रिक्शा चालक से कहती थी कि ट्रेन से उसके मां-बाप आ रहे हैं।
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इंस्पेक्टर आलमबाग परशुराम त्रिपाठी ने बताया कि बंटी-बबली की पहचान बाराबंकी के रामनगर गोपालपुर पेनापुरवा निवासी सूरज वर्मा और सविता वर्मा के रूप में हुई है। इनके साथ सविता का भाई राजू वर्मा भी पकड़ा गया है।
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चेकिंग के दौरान ईको गार्डेन की तरफ से कुंवर जगदीश चौराहे की ओर जाते समय उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने अब तक सात ई रिक्शा को ठगने की बात कही। सभी ई रिक्शा को पुलिस ने बरामद कर लिया है। इनमें चार के मालिकों की तलाश कर ली गई है, जबकि तीन के मालिक तलाशे जा रहे हैं।
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सूरज वर्मा और सविता बच्चों को लेकर ई रिक्शा से चारबाग रेलवे स्टेशन आते थे। यहां रिक्शे पर बैठे-बैठे सूरज वर्मा उल्टी करना शुरू कर देता था। इसके बाद सविता रिक्शा चालक से कहती थी कि ट्रेन से उसके मां-बाप आ रहे हैं।
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चोरी के ई-रिक्शा से करते थे कमाई
उनके पास सामान अधिक है। रिक्शा चालक उसकी बातों में आकर प्लेटफार्म पर चला जाता था। इधर, पति ई रिक्शा लेकर भाग जाता था। महिला भी भीड़-भाड़ का फायदा उठाकर निकल जाती थी। इस दौरान सविता का भाई राजू वर्मा रिक्शा चालक की गतिविधियों पर निगाह रखे रहता था।
इंस्पेक्टर आलमबाग ने बताया कि सूरज और सविता पहले आलमबाग के अर्जुनपुर में रहते थे। इसके बाद वह चिनहट में ग्रामीण इलाके में मकान किराए पर लेकर रहने लगे। वह लोग आस-पास के लोगों को बताते थे कि ई रिक्शा किराए पर चलवाने का काम करते हैं। उन्होंने चोरी के ई-रिक्शा को रोजना 200 रुपये किराये पर देना शुरू कर दिया। इससे उनकी अच्छी कमाई होने लगी।
पुलिस का कहना है कि ठगी के इस गोरखधंधे में सविता वर्मा ही मास्टर माइंड थी। वह बीए पास है, जबकि पति और भाई आठवीं-दसवीं तक ही पढ़े हैं। अधिक कमाई के लालच में सविता ने ही दोनों को ठगी के गोरखधंधे में उतार दिया। सविता के कहने पर ही राजू और सूरज ई रिक्शा चोरी का काम करने लगे।
इंस्पेक्टर आलमबाग ने बताया कि सूरज और सविता पहले आलमबाग के अर्जुनपुर में रहते थे। इसके बाद वह चिनहट में ग्रामीण इलाके में मकान किराए पर लेकर रहने लगे। वह लोग आस-पास के लोगों को बताते थे कि ई रिक्शा किराए पर चलवाने का काम करते हैं। उन्होंने चोरी के ई-रिक्शा को रोजना 200 रुपये किराये पर देना शुरू कर दिया। इससे उनकी अच्छी कमाई होने लगी।
पुलिस का कहना है कि ठगी के इस गोरखधंधे में सविता वर्मा ही मास्टर माइंड थी। वह बीए पास है, जबकि पति और भाई आठवीं-दसवीं तक ही पढ़े हैं। अधिक कमाई के लालच में सविता ने ही दोनों को ठगी के गोरखधंधे में उतार दिया। सविता के कहने पर ही राजू और सूरज ई रिक्शा चोरी का काम करने लगे।