फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   police arrested criminal in lucknow

‘आईजी बोल रहा हूं, तुम्हारे मामले की जांच मेरे पास है, रुपये भेज दो नहीं तो...’

Fri, 27 Apr 2018 04:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 27 Apr 2018 04:07 PM IST
विज्ञापन
police arrested criminal in lucknow
up police - फोटो : अमर उजाला
आईजी बनकर कई जिलों के डीएम-एसएसपी से लेकर थाने के दरोगा तक को फोन कर डराने-धमकाने वाले शातिर को आखिरकार लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने दबोच लिया। पकड़ा गया बदमाश संतकबीरनगर का रहने वाला सुनील कुमार पांडेय है।
विज्ञापन


इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही ने बताया कि सुनील पिछले दो-तीन महीने से आईजी लखनऊ व इलाहाबाद रेंज बनकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों पर रोब गांठकर अपने काम करा रहा था। उसके पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ है।
विज्ञापन


इंस्पेक्टर ने बताया कि शातिर सुनील हरियाणा के बहादुरगढ़ में जूते-चप्पल बनाने वाली एक फैक्ट्री में काम करता है। वह पांच-छह साल से अपने घर नहीं गया था। उसने 14 अप्रैल को इलाहाबाद रेंज के आईजी रमित शर्मा बनकर रायबरेली की महिला थाने की एसएसआई को फोन किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


उसने कहा, ‘मैं आईजी रमित शर्मा बोल रहा हूं। तुम्हारा काम बहुत गड़बड़ है। बहुत शिकायतें मिल रही हैं इसलिए जांच करा रहा हूं। तुम्हारी फाइल मेरे पास ही पड़ी है।’ शातिर को आईजी समझकर एसएसआई के पसीने छूट गए और वह सिर्फ ‘सर-सर’ ही करती रहीं। दरोगा की घबराहट समझकर शातिर के हौसले और भी बुलंद हो गए। उसने कहा, ‘मुझे समझ लो तो जांच में दिक्कत नहीं होगी।’

थानेदारों को फोन कर सौंपे थे कई काम

police arrested criminal in lucknow
आरोपी सुनील - फोटो : अमर उजाला
एसएसआई ने कहा, ‘सर, आपके आदेशों का पालन होगा।’ इस पर कथित आईजी ने उससे अपने बैंक खाते में 15 हजार रुपये ट्रांसफर करने को कहा और कॉल डिसकनेक्ट कर दी। महिला थाने की एसएसआई इतनी रकम सुनकर सन्न रह गईं।

उन्होंने कथित आईजी के नंबर पर अपने सीयूजी नंबर से कॉल की तो शातिर ने धमकाते हुए फिर फोन काट दिया। परेशान महिला दरोगा ने थाना प्रभारी को इसकी जानकारी दी। 22 अप्रैल की शाम छह बजे उसी नंबर से महिला थाना प्रभारी के पास फर्र्जी आईजी की कॉल आई।

शातिर ने कहा कि, ‘मैं आईजी बोल रहा हूं। अपनी एसएसआई से कहो कि मुझसे बात कर ले।’ एसएसआई के फोन करने पर शातिर ने रुपया अकाउंट में भेजने को कहा। बाद में जांच में  फर्जी की पोल खुली तो 25 अप्रैल को रायबरेली कोतवाली में केस दर्ज कराकर दरोगा सुरेश कुमार सिंह को विवेचना सौंपी गई।

इंस्पेक्टर ने बताया कि शातिर सुनील ने आईजी इलाहाबाद के अलावा आईजी लखनऊ रेंज के नाम से भी डीएम फैजाबाद को भी फोन करके कुछ काम कराने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा उसने अन्य लखनऊ और इलाहाबाद रेंज के अन्य जनपदों के पुलिस प्रभारियों व थानेदारों को फोन कर कई काम सौंपे थे। उससे पूछताछ की जा रही है।

आईजी के करीबी को फोन करने पर खुली पोल

police arrested criminal in lucknow
सांकेतिक तस्वीर
शातिर सुनील ने अपना मोबाइल नंबर गूगल पर आईजी लखनऊ रेंज सुजीत कुमार पांडेय के नाम से दर्ज किया था। पुलिस ने छानबीन की तो उसका मोबाइल नंबर फर्जी आईडी का निकला। गूगल पर आईजी के नाम से नंबर दर्ज होने से ट्रू कॉलर पर उसकी हर कॉल आईजी का ही नाम दिखाती थी।

मोबाइल फोन के स्क्रीन पर आईजी का नाम नजर आते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी हड़बड़ी में कॉल रिसीव कर लेते थे। फोन कनेक्ट होते ही शातिर दूसरी तरफ के व्यक्ति को काम में गड़बड़ी करने और शिकायतें मिलने की बात कहकर इतना मनोवैज्ञानिक दबाव बना देता कि वह आवाज तक नहीं पहचान पाते थे। 

जालसाज ने बताया कि तीन-चार दिन पहले उसने आईजी सुजीत कुमार पांडेय के एक करीबी को फोन कर दबाव में लेने की कोशिश की जिस पर पोल खुल गई। उक्त करीबी ने आईजी को बताया। आईजी के निर्देश पर क्राइम ब्रांच और हजरतगंज पुलिस ने शातिर की तलाश शुरू की और उसे दबोच लिया।

शातिर ने महिला थाना लखनऊ की इंस्पेक्टर शारदा चौधरी को भी एक महीने पहले फोन कर जांच के नाम पर घुड़की दी थी। फर्जी आईजी ने उनकी जांच की फाइल खोलने की बात कहकर दबाव बनाया था। फोन कटने के बाद महिला इंस्पेक्टर ने नंबर की पड़ताल की तो मामला कुछ संदिग्ध लगा। उन्होंने पलटकर शातिर के नंबर पर कई कॉल की, लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में इंस्पेक्टर ने भी इस मामले को रफा-दफा कर दिया। 
 

पड़ोसी महिला के पुलिसकर्मी रिश्तेदार पर फोड़ा ठीकरा

police arrested criminal in lucknow
डेमो
शातिर सुनील कुमार पांडे हजरतगंज पुलिस को घंटों बरगलाता रहा। उसने आईजी का नाम लेकर किसी को फोन करने की बात से साफ इनकार कर दिया। सख्ती से पूछने पर सुनील ने ठीकरा अपने गांव की एक महिला के रिश्तेदार पर फोड़ दिया।

उसने कहा कि महिला का रिश्तेदार पुलिसकर्मी है और वही उस पर पुलिस अधिकारी बनकर फोन कॉल करने का दबाव बना रहा था। सुनील ने यह भी कहा कि उक्त पुलिसकर्मी उसे मारता-पीटता था। हरियाणा में उसके कारखाने पर आकर भी उसने मारपीट की और पुलिस अधिकारी बनकर फोन न करने पर धमकाया। हालांकि, सुनील यह नहीं बता सका कि उक्त पुलिसकर्मी उससे क्यों और किसे फोन कराता था। इंस्पेक्टर उसकी कहानी को फर्जी मान रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed