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IAS अनुराग की मौत पर पुलिस की नई थ्योरी, ड्रग्स मिली सिगरेट पीने से घुटा दम

Sun, 04 Jun 2017 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 04 Jun 2017 12:43 PM IST
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 police arguments over anurag tiwary death case.
गेस्ट हाउस में जांच करती एसआईटी टीम।(फाइल फोटो) - फोटो : amar ujala

कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर अनुराग तिवारी की संदिग्ध हालात में हुई मौत के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि मसूरी में प्रशासनिक अकादमी में ट्रेनिंग के दौरान अनुराग ब्रोंकाइटिस (अस्थमा) से पीड़ित हो गए थे और उपचार करा रहे थे।

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उन्होंने उपचार में हुए खर्च के भुगतान के क्लेम में दवाओं के जो बिल लगाए थे, बंगलूरू गई एसआईटी ने उनके बारे में जानकारी ले ली है। अब उपचार करने वाले डॉक्टर से संपर्क कर आईएएस की मेडिकल हिस्ट्री मंगाई जा रही है।
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एसएसपी का यह भी कहना है कि बंगलूरू में एसआईटी की पड़ताल में आईएएस अफसर के किसी घोटाले की शिकायत करने या भ्रष्टाचार संबंधी कोई जांच करने की पुष्टि नहीं हुई। शनिवार सुबह लखनऊ लौटी एसआईटी ने एसएसपी को ये जानकारियां दीं।

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एसआईटी के लिए मौत को हादसा बताना हुआ आसान

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आईएएस अनुराग तिवारी

बंगलूरू में मिली इन जानकारियों से एसआईटी के लिए आईएएस की मौत को हादसा बताना और भी आसान हो गया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि अनुराग अपने बैचमेट एलडीए वीसी पीएन सिंह के साथ मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्टहाउस के जिस कमरे में रुके थे, वहां सिगरेट के 20 बट्स मिले हैं।

एलडीए वीसी ने अपने बयान में कहा था कि अनुराग देर रात तक मोबाइल फोन पर चैटिंग करते हुए सिगरेट पी रहे थे। पुलिस को कुछ ऐसे फोटोग्राफ भी मिले हैं जिसमें अनुराग सिगरेट में ड्रग्स भर रहे हैं। ये फोटोग्राफ मसूरी में प्रशिक्षण के दौरान के बताए जा रहे हैं।
 
इन फोटोग्राफ ने पुलिस को आईएएस की मौत की अपनी थ्योरी बनाने में मजबूती दे दी है। पुलिस अब यह साबित करने की तैयारी कर रही है कि आईएएस ने स्टेट गेस्टहाउस में भी सिगरेट में ड्रग्स भरकर पी थीं। वह पहले ही अस्थमा से पीड़ित थे। बीमारी के दौरान अत्यधिक मात्रा में ड्रग्स मिली सिगरेट पीने से ही उनका दम घुट गया।

पुलिस ये दे रही है तर्क

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पुलिस के मुताबिक, बंद कमरे में काफी देर तक ड्रग्स मिली सिगरेट पीने से आईएएस को उलझन हुई होगी और वह कमरे से बाहर निकल गए होंगे। उलझन में या ड्रग्स के नशे में वह लड़खड़ाकर बीच सड़क पर गिर गए।

ठुड्डी पर चोट लगी और ड्रग्स की वजह से उनका दम घुट गया। एसएसपी का कहना है कि सिगरेट में ड्रग्स था या नहीं? इस बारे में पड़ताल कराई जा रही है। ड्रग्स होने पर खून की जांच में उसके लक्षण आ जाएंगे। सीएफएल से ब्लड रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

छुट्टी लिए बगैर गांव चले गए थे अनुराग
एसएसपी ने बताया कि आईएएस अनुराग को मसूरी में ट्रेनिंग खत्म करके छह मई को बंगलूरू लौटना था, लेकिन वह लखनऊ आ गए। यहां से वह बहराइच स्थित अपने गांव चले गए लेकिन छुट्टी के लिए विभाग को सूचना नहीं दी।

बंगलूरू गई एसआईटी ने उनके विभाग से छुट्टी के बारे में पूछा तो पता चला कि उन्होंने इस बाबत कोई लिखित सूचना नहीं दी थी।

भाई ने कहा-अनुराग को नहीं था अस्थमा, पुलिस कर रही खेल

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आईएएस अनुराग तिवारी के बड़े भाई मयंक ने पुलिस पर खेल करने का आरोप लगाया है। मयंक अभी बंगलूरू में ही हैं। ‘अमर उजाला’ से फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि अनुराग को अस्थमा नहीं था। वह मेडिकली फिट थे।

सर्दी-जुकाम और खांसी की समस्या जरूर थी। पुलिस इसे अस्थमा बताकर पूरे केस को गोल-मोल करने में जुटी है। सिगरेट में ड्रग्स मिलाकर पीने की बात भी हवा-हवाई है।

एक बार को यह मान भी लिया जाए कि अनुराग ने सिगरेट में ड्रग्स मिलाकर पी थी तो क्या वह अपने मोबाइल फोन का लॉक खोलकर और उसकी कॉल हिस्ट्री, ई-मेल व मैसेज डिलीट करके कमरे से बाहर खुदकुशी करने के लिए निकला था।

अगर कमरे में उसे ड्रग्स की वजह से घुटन हो रही थी तो उसने अपने बैचमेट एलडीए वीसी को क्यों नहीं उठाया? उनसे क्यों नहीं कहा कि तबियत गड़बड़ है, अस्पताल ले चलो। मयंक ने पुलिस की आशंकाओं को गलत बताया है।

भाई की मौत का राज पता करके ही लौटेंगे मयंक

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मयंक ने कहा-पुलिस अभी अनुराग का आईफोन नहीं ढूंढ सकी है। कई जांच होनी बाकी हैं। जब तक पूरा राज नहीं खुल जाता, मैं नहीं लौटूंगा। उन्होंने कहा कि आखिर बंगलूरू के अधिकारी गेस्टहाउस की तलाशी में एसआईटी के सहयोग के लिए क्यों नहीं आए? वे गेस्टहाउस की चाबियां क्यों नहीं दे रहे थे?

उन्होंने चाबियां देने में इतनी देर क्यों लगाई कि अंधेरा हो गया और वीडियोग्राफी कम रोशनी में करानी पड़ी। विभागीय अधिकारियों का असहयोगी रवैया बता रहा है कि दाल में कुछ काला है। जब तक वह सच्चाई का पता नहीं लगा लेंगे, चैन से नहीं बैठेंगे।

डायरी में छिपे हैं राज, आरटीआई से भी मिलेंगे सुराग
मयंक ने कहा कि अनुराग के कमरे से मिली उनकी डायरी में कई राज हैं। उसमें चावल का रेट सहित अन्य कई ऐसी जानकारियां दर्ज हैं जिससे स्पष्ट है कि अनुराग कोई घोटाला खोलने की तैयारी कर रहे थे।

इसके अलावा विभाग में भ्रष्टाचार से संबंधित कई आरटीआई भी डाली गई थीं जिनकी जांच वह कर रहे थे। पुलिस को इन आरटीआई के बारे में भी जानकारी जुटानी चाहिए थी। कई आरटीआई तो अनुराग की मौत को साजिश बताने वाले रिटायर्ड आएएस अधिकारी विजय कुमार ने खुद डाली थीं।

अनुराग के दोनों लैपटॉप की होगी फोरेंसिक जांच

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आईएएस के बंगलूरू स्थित आवास से मिले दो लैपटॉप की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। एसएसपी ने बताया कि दोनों लैपटॉप फोरेंसिक टीम को सौंप दिए गए हैं।

कुछ कागजात भी मिले हैं, लेकिन उनका आईएएस की मौत से कोई ताल्लुक नहीं है। घोटाले या भ्रष्टाचार की शिकायतों से संबंधित फाइल नहीं मिली है।

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