{"_id":"66b004749a293063260f7424","slug":"poles-broken-by-the-storm-trees-blown-down-power-cut-raebareli-news-c-101-1-slko1032-117846-2024-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: आंधी से टूटे खंभे, धराशायी हुए पेड़, बिजली गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: आंधी से टूटे खंभे, धराशायी हुए पेड़, बिजली गुल
Mon, 05 Aug 2024 04:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 05 Aug 2024 04:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। जिले में शनिवार रात आंधी के चलते बिजली व्यवस्था चरमरा गई। तारों पर पेड़ गिरने तो कई उपकेंद्रों में खराबी आने से आपूर्ति ठप हो गई। इससे शहर से लेकर गांवों में बिजली गुल रही। भुएमऊ, उतरपारा, कठगर, सरेनी और खीरों उपकेंद्र से जुड़े छोटे-बड़े करीब 600 गांवों की बिजली 16 घंटे बाद भी बहाल नहीं हो पाई।
ट्रांसमिशन त्रिपुला में खराबी आने से तीन घंटे शहर के तीन विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े मोहल्लों की बिजली गुल रही। शनिवार शाम से मौसम का मिजाज बदला। आंधी के साथ रात में बारिश की फुहारों से गर्मी से राहत मिली, लेकिन आंधी के चलते जिलेभर की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई।
शनिवार रात आंधी के चलते सलोन, सूची, गदागंज, भुएमऊ, हरचंदपुर, ऊंचाहार, जगतपुर, डीह, परशदेपुर, छतोह समेत अन्य उपकेंद्रों से निकले फीडर और 33 केवी लाइनों पर पेड़ की डालियां गिर गईं। इससे बिजली की आवाजाही लगी रही। विद्युत उपकेंद्र उतरपारा, खीरों, सरेनी, कठगर उपकेंद्रों की लाइनों पर पेड़ गिर गए। इससे शनिवार रात 12 बजे से बिजली गुल हो गई जो रविवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी। ट्रांसमिशन त्रिपुला में रविवार को 12 बजे खराबी आने से शहर के तेलियाकोट, प्रगतिपुरम, आचार्य द्विवेदी नगर उपकेंद्र से जुड़े करीब 15 मोहल्लों की बिजली गुल रही। दोपहर बाद करीब तीन बजे बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
पेयजल समस्या से जूझे लोग, मोबाइल हो गए बंद
खीरों। ब्लॉक क्षेत्र के खीरों और कलुवाखेड़ा उपकेंद्र से जुड़ी करीब एक लाख आबादी को बिजली संकट से जूझना पड़ा। पेयजल समस्या के साथ-साथ लोगों के मोबाइल तक बंद हो गए। विद्युत उपकेंद्र खीरों के अजीतपुर फीडर के फीरोजाबाद गांव में रविवार सुबह नौ बजे तथा प्राथमिक विद्यालय नुनैरा के गेट के पास पेड़ की डाल टूटकर तारों पर गिर गई।
नुनैरा विद्यालय में छुट्टी होने के कारण लाइन के पास कोई मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया। निहस्था फीडर में चंदी का पुरवा गांव के पास यूकेलिप्टस का पेड़ एचटी लाइन में गिर जाने से विद्युत पोल टूट गए। देवगांव फीडर में रविवार सुबह देवगांव में नीम का पेड़ एचटी लाइन में गिरने से विद्युत पोल टूट गया। गडरियन खेड़ा रोड पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। शाम चार बजे तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।
156 बिजली के खंभे टूटे
रायबरेली। आंधी ने शनिवार और रविवार को खूब तबाही मचाई। पेड़ गिरने से 156 बिजली के पोल टूट गए। इन खंभों को बदलने और तारों को जोड़ने के लिए 18 टीमें काम कर रही हैं, लेकिन देर शाम तक 600 गांवों की बिजली पटरी पर नहीं लौट पाई है।
आंधी के चलते प्रभावित हुई बिजली
आंधी के चलते बड़ी संख्या में पोल टूट गए हैं। इसके चलते शहर से लेकर गांवों तक की बिजली प्रभावित हुई है। ज्यादातर गांवों की बिजली बहाल हो गई है, जहां पर अभी तक बिजली नहीं आई है, वहां टीमें लगाई गई हैं।
-रामप्रीत प्रसाद, मुख्य अभियंता रायबरेली जोन
विज्ञापन
ट्रांसमिशन त्रिपुला में खराबी आने से तीन घंटे शहर के तीन विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े मोहल्लों की बिजली गुल रही। शनिवार शाम से मौसम का मिजाज बदला। आंधी के साथ रात में बारिश की फुहारों से गर्मी से राहत मिली, लेकिन आंधी के चलते जिलेभर की बिजली आपूर्ति बेपटरी हो गई।
विज्ञापन
शनिवार रात आंधी के चलते सलोन, सूची, गदागंज, भुएमऊ, हरचंदपुर, ऊंचाहार, जगतपुर, डीह, परशदेपुर, छतोह समेत अन्य उपकेंद्रों से निकले फीडर और 33 केवी लाइनों पर पेड़ की डालियां गिर गईं। इससे बिजली की आवाजाही लगी रही। विद्युत उपकेंद्र उतरपारा, खीरों, सरेनी, कठगर उपकेंद्रों की लाइनों पर पेड़ गिर गए। इससे शनिवार रात 12 बजे से बिजली गुल हो गई जो रविवार शाम तक बहाल नहीं हो सकी। ट्रांसमिशन त्रिपुला में रविवार को 12 बजे खराबी आने से शहर के तेलियाकोट, प्रगतिपुरम, आचार्य द्विवेदी नगर उपकेंद्र से जुड़े करीब 15 मोहल्लों की बिजली गुल रही। दोपहर बाद करीब तीन बजे बिजली आई तो लोगों ने राहत की सांस ली।
विज्ञापन
पेयजल समस्या से जूझे लोग, मोबाइल हो गए बंद
खीरों। ब्लॉक क्षेत्र के खीरों और कलुवाखेड़ा उपकेंद्र से जुड़ी करीब एक लाख आबादी को बिजली संकट से जूझना पड़ा। पेयजल समस्या के साथ-साथ लोगों के मोबाइल तक बंद हो गए। विद्युत उपकेंद्र खीरों के अजीतपुर फीडर के फीरोजाबाद गांव में रविवार सुबह नौ बजे तथा प्राथमिक विद्यालय नुनैरा के गेट के पास पेड़ की डाल टूटकर तारों पर गिर गई।
नुनैरा विद्यालय में छुट्टी होने के कारण लाइन के पास कोई मौजूद नहीं था। इससे बड़ा हादसा टल गया। निहस्था फीडर में चंदी का पुरवा गांव के पास यूकेलिप्टस का पेड़ एचटी लाइन में गिर जाने से विद्युत पोल टूट गए। देवगांव फीडर में रविवार सुबह देवगांव में नीम का पेड़ एचटी लाइन में गिरने से विद्युत पोल टूट गया। गडरियन खेड़ा रोड पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। शाम चार बजे तक बिजली बहाल नहीं हो पाई थी।
156 बिजली के खंभे टूटे
रायबरेली। आंधी ने शनिवार और रविवार को खूब तबाही मचाई। पेड़ गिरने से 156 बिजली के पोल टूट गए। इन खंभों को बदलने और तारों को जोड़ने के लिए 18 टीमें काम कर रही हैं, लेकिन देर शाम तक 600 गांवों की बिजली पटरी पर नहीं लौट पाई है।
आंधी के चलते प्रभावित हुई बिजली
आंधी के चलते बड़ी संख्या में पोल टूट गए हैं। इसके चलते शहर से लेकर गांवों तक की बिजली प्रभावित हुई है। ज्यादातर गांवों की बिजली बहाल हो गई है, जहां पर अभी तक बिजली नहीं आई है, वहां टीमें लगाई गई हैं।
-रामप्रीत प्रसाद, मुख्य अभियंता रायबरेली जोन