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Lucknow News: कुर्सी मिलते ही आंखों का पानी मर जाता है...
Sun, 29 Oct 2023 12:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 29 Oct 2023 12:06 AM IST
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खीरों (रायबरेली)। श्री सरस्वती इंटर कॉलेज मैदान में शनिवार शाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधायक राकेश प्रताप सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करके किया।
कवि निर्मल श्रीवास्तव ने पढ़ा कि एक जो फूल दिया था कभी अकेले में, मेरे बिराने में वो बरसता है। कवि पंकज प्रसून की कविता खूब सराही गई। उन्होंने पढ़ा कि कुर्सी का पानी से गहरा नाता है, कुर्सी जाते ही आंखों में पानी भर जाता है, कुर्सी मिलते ही आंखों का पानी मर जाता है...। शशि श्रेया ने सुनाया कि प्यार में लड़के कितने पागल होते है, तूफानी लहरों से यारी करते है, दर्द पर अपनी दावेदारी करते हैं। इश्क को इसी लिए बीमारी कहते है।
उत्कर्ष उत्तम ने सुनाया कि दृष्टि खराब है दूर वाली मेरी, सब लोग पास मेरे आ जाइए.. सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी। कवि गौरी मिश्रा ने पढ़ा कि छोड़ शहर के तुम्हारे गांव आई है, मोहब्बत दूर से चलकर नंगे पांव आई हैं। विष्णु सक्सेना ने भी कविता पाठ किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता राम करन सिंह व संचालन नीरज पांडेय ने किया।
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कवि निर्मल श्रीवास्तव ने पढ़ा कि एक जो फूल दिया था कभी अकेले में, मेरे बिराने में वो बरसता है। कवि पंकज प्रसून की कविता खूब सराही गई। उन्होंने पढ़ा कि कुर्सी का पानी से गहरा नाता है, कुर्सी जाते ही आंखों में पानी भर जाता है, कुर्सी मिलते ही आंखों का पानी मर जाता है...। शशि श्रेया ने सुनाया कि प्यार में लड़के कितने पागल होते है, तूफानी लहरों से यारी करते है, दर्द पर अपनी दावेदारी करते हैं। इश्क को इसी लिए बीमारी कहते है।
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उत्कर्ष उत्तम ने सुनाया कि दृष्टि खराब है दूर वाली मेरी, सब लोग पास मेरे आ जाइए.. सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरी। कवि गौरी मिश्रा ने पढ़ा कि छोड़ शहर के तुम्हारे गांव आई है, मोहब्बत दूर से चलकर नंगे पांव आई हैं। विष्णु सक्सेना ने भी कविता पाठ किया। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता राम करन सिंह व संचालन नीरज पांडेय ने किया।
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