मन की बात में पीएम मोदी ने किया 'कल्याणी' के कल्याण का जिक्र, मनरेगा से संवर रहा रंग-रूप
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में रविवार को बाराबंकी जिले के फतेहपुर स्थित कल्याणी नदी के बदले जा रहे स्वरूप का जिक्र किया। पीएम मोदी के इस जिक्र से कल्याणी नदी के कल्याण की आस तेज हो गई है। पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अब यहां दूसरे चरण का काम तेजी से शुरू कराया गया है।
फतेहपुर तहसील के ग्राम मवइया के पास पहले चरण में 26 सौ मीटर के दायरे में कल्याणी नदी के दोनों छोर पर निर्माण कार्य अप्रैल माह में शुरू किया गया था। अपना अस्तित्व खो रही इस नदी को उसके वास्तविक रूप में लाने के लिये जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह के प्रयास से इसे मनरेगा के तहत संवारने की कार्ययोजना तैयार की गई थी।
पहले चरण में 69 लाख की लागत से 26 सौ मीटर नदी के दोनों ओर जंगल झाड़ियों को काटने के साथ-साथ इसे करीब डेढ़ मीटर गहरा किया गया है। इस कार्य मे 625 मनरेगा मजदूरो को लगाया गया था। इनमें 35 प्रवासी मजदूरों को भी रोजगार से जोड़ा गया।
पीएम मोदी ने मन की बात में कहा कि यूपी के बाराबंकी के एक गांव में लौटे प्रवासी मजदूरों ने कल्याणी नदी के प्राकृतिक स्वरूप लौटाने का काम शुरू किया है। नदी का उद्धार होते देख आसपास के लोग उत्साहित है। गांव आने के बाद श्रमिकों ने अपने कौशल का इस्तेमाल कर अपने आसपास की स्थितियों को बदला है यह अद्भुत है।
12 सौ मीटर का और बढ़ा दायरा
एक सप्ताह पहले दूसरे चरण का काम हैदरगंज गांव के पास शुरू किया गया है। 12 सौ मीटर के दायरे में नदी का पुनरुद्धार किया जा रहा है। इस चरण में 25 लाख की लागत से काम कराया जा रहा है। इस बार 195 मनरेगा मजदूरो को लगाया गया है।
डीएम और स्थानीय विधायक द्वारा मॉनिटरिंग कर नदी को उसके पुराने रंग रूप में लाने का प्रयास जारी है। इससे आसपास के किसानों को जहाँ खेत की सिंचाई का अच्छा माध्यम मिलेगा वहीं, प्रकृति के सौंदर्य में निखार आएगा।