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बसंतकुंज में दस साल बाद मिलेंगे छोटे प्लॉट
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एलडीए ला रहा कम आय वर्ग के परिवारों के लिए योजना।
- फोटो : ??? ?????
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कम आय वर्ग के परिवारों की जरूरत पूरी करने के लिए एलडीए बसंतकुंज योजना में छोटे साइज के भूखंड बेचेगा। ऐसे करीब 162 भूखंड बेचने के लिए मार्च में पंजीकरण खोले जा सकते हैं।
इनकी कीमत 15 लाख रुपये से कम रहने का अनुमान है। भूखंडों का ले-आउट प्लान बनाने का काम नियोजन विभाग कर रहा है। अगले महीने बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं के लिए यहां काम शुरू करने की योजना है।
एलडीए करीब एक दशक के बाद इस तरह की योजना ला रहा है। जानकीपुरम विस्तार और शारदानगर योजना में छोटे भूखंड दिए गए थे। अब तक कम से कम 800 वर्गफीट के ही भूखंड बसंतकुंज योजना में एलडीए बेच रहा था।
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एलडीए ने बसंतकुंज के सेक्टर-एच में आश्रयहीन भवनों के पास खाली पड़ी जमीन पर ऐसे भूखंड विकसित करने की योजना बनाई है। पीर नगर और बरावनखुर्द गांव के पास यह जमीन मौजूद है।
भूखंड विकसित करने के लिए टोपोग्राफिकल सर्वे पहले ही कराया जा चुका है। अब तीन भाग में पूरी जमीन को विकसित किया जाएगा।
यहां एक भाग में एलआईजी तो दूसरे में ईडब्ल्यूएस भूखंड होंगे। वहीं, तीसरे भाग में भविष्य के उपयोग के लिए जमीन छोड़ी जाएगी। किसी अन्य उपयोग के लिए जरूरत होने पर इस जमीन का उपयोग एलडीए कर सकेगा।
अभियंत्रण जोन-7 ने अब मुख्य नगर नियोजक को इस योजना के मुताबिक ले-आउट तैयार कराने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।
500 वर्गफीट तक के होंगे भूखंड
अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्र ने बताया कि एलआईजी वर्ग के लिए 500 वर्गफीट तो ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 300 वर्गफीट साइज के भूखंड काटे जाने हैं। एलआईजी के 112 और ईडब्ल्यूएस के करीब 50 भूखंड रहेंगे। इनकी संख्या ले-आउट बनने के बाद घट-बढ़ सकती है।
यहां अपार्टमेंट बनाने की योजना खत्म
इससे पहले इस जमीन पर एलडीए ने आश्रयहीन और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए तीन व चार मंजिला अपार्टमेंट बनाने की योजना बनाई थी। इसमें छोटे साइज के 1बीएचके फ्लैट यहां बनाए जाने थे। लेकिन आश्रयहीन परिवारों के लिए बने आवासों पर कब्जे और बिल्डिंग की जर्जर हालत होने के बाद निर्माण की योजना को स्थगित कर दिया गया।
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इनकी कीमत 15 लाख रुपये से कम रहने का अनुमान है। भूखंडों का ले-आउट प्लान बनाने का काम नियोजन विभाग कर रहा है। अगले महीने बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं के लिए यहां काम शुरू करने की योजना है।
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एलडीए करीब एक दशक के बाद इस तरह की योजना ला रहा है। जानकीपुरम विस्तार और शारदानगर योजना में छोटे भूखंड दिए गए थे। अब तक कम से कम 800 वर्गफीट के ही भूखंड बसंतकुंज योजना में एलडीए बेच रहा था।
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एलडीए ने बसंतकुंज के सेक्टर-एच में आश्रयहीन भवनों के पास खाली पड़ी जमीन पर ऐसे भूखंड विकसित करने की योजना बनाई है। पीर नगर और बरावनखुर्द गांव के पास यह जमीन मौजूद है।
भूखंड विकसित करने के लिए टोपोग्राफिकल सर्वे पहले ही कराया जा चुका है। अब तीन भाग में पूरी जमीन को विकसित किया जाएगा।
यहां एक भाग में एलआईजी तो दूसरे में ईडब्ल्यूएस भूखंड होंगे। वहीं, तीसरे भाग में भविष्य के उपयोग के लिए जमीन छोड़ी जाएगी। किसी अन्य उपयोग के लिए जरूरत होने पर इस जमीन का उपयोग एलडीए कर सकेगा।
अभियंत्रण जोन-7 ने अब मुख्य नगर नियोजक को इस योजना के मुताबिक ले-आउट तैयार कराने के लिए प्रस्ताव भेज दिया है।
500 वर्गफीट तक के होंगे भूखंड
अधिशासी अभियंता प्रताप शंकर मिश्र ने बताया कि एलआईजी वर्ग के लिए 500 वर्गफीट तो ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 300 वर्गफीट साइज के भूखंड काटे जाने हैं। एलआईजी के 112 और ईडब्ल्यूएस के करीब 50 भूखंड रहेंगे। इनकी संख्या ले-आउट बनने के बाद घट-बढ़ सकती है।
यहां अपार्टमेंट बनाने की योजना खत्म
इससे पहले इस जमीन पर एलडीए ने आश्रयहीन और कम आय वर्ग के परिवारों के लिए तीन व चार मंजिला अपार्टमेंट बनाने की योजना बनाई थी। इसमें छोटे साइज के 1बीएचके फ्लैट यहां बनाए जाने थे। लेकिन आश्रयहीन परिवारों के लिए बने आवासों पर कब्जे और बिल्डिंग की जर्जर हालत होने के बाद निर्माण की योजना को स्थगित कर दिया गया।