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सुप्रीम कोर्ट में दावा, कुत्तों के काटने से नहीं हुई सीतापुर में बच्चों की मौत

Fri, 01 Jun 2018 01:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 01 Jun 2018 01:03 PM IST
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Plea to stop culling of dogs in Sitapur : further hearing in supreme court on 8 june
सुप्रीम कोर्ट
यूपी के सीतापुर में आवारा कुत्तों को मारे जाने के आरोप को लेकर दायर की गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। कोर्ट ने प्रदेश सरकार से मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी, जिसमें ये आरोप लगाया गया था कि इन आदमखोर कुत्तों के काटने से कई मासूमों की मौत हो गई है।
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गौरतलब है कि पिछले सात माह में सीतापुर में कुत्तों के काटने से 14 मासूमों की मौत हो चुकी है। लगातार हमले से गुस्साए लोगों ने कुत्तों को मारना शुरू कर दिया। इस पर वकील गार्गी श्रीवास्तव ने न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली अवकाशकालीन पीठ के समक्ष 28 मई को इस याचिका का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की गुहार लगाई थी।
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दायर याचिका में शीर्ष कोर्ट से अपील की गई कि वह यूपी सरकार को निर्देश दे कि जब तक यह साबित न हो जाए कि सीतापुर में बच्चों की मौत कुत्तों के काटने से हुई है, आवारा कुत्तों को न मारा जाए। 
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इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक जून को सुनवाई की। इस दौरान इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ऑर्गेनाइजेशन फेडरेशन ने दावा कि कि भारतीय पशु चिकित्सा संस्थान की रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि कुत्तों ने बच्चों पर हमला नहीं किया है। फेडरेशन ने कोर्ट से अपील की कि वह ये निर्देश दे कि कुत्तों को न मारा जाए। 

सबकी दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की आगे की सुनवाई के लिए आठ जून की तिथि निर्धारित की है। 

याचिका ने ये भी आरोप लगाए

Plea to stop culling of dogs in Sitapur : further hearing in supreme court on 8 june
सीतापुर में ग्रामीणों द्वारा मारा गया कुत्ता (फाइल) - फोटो : amar ujala
याचिका के अनुसार, शुरुआती जांच में पाया गया है कि जंगली जानवरों ने बच्चों पर हमला किया था न कि आवारा कुत्तों ने। महज आशंका के आधार पर आवारा कुत्तों को अमानवीय तरीके से मारा जा रहा है। आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से कुत्तों को पकड़ने व मारने वाले व्यक्ति को 600 रुपये दिए जाते हैं।
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