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UP: प्लास्टिक का इस्तेमाल भी गर्भवती महिलाओं में मधुमेह की वजह... अध्ययन में सामने आए खतरनाक नतीजे

Tue, 04 Nov 2025 12:08 PM IST
ishwar ashish सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ
सचिन त्रिपाठी, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 04 Nov 2025 12:08 PM IST
सार

अध्ययन में जुलाई 2023 से जून 2024 के बीच संस्थान में आने वालीं 161 गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। पहले समूह में गर्भावस्था की अवधि में मधुमेह से पीड़ित और दूसरे में सामान्य महिलाएं थीं। देखें, पूरी रिपोर्ट: 

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Plastic use also causes diabetes in pregnant women
- फोटो : Freepik.com

विस्तार

गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे शिशु के लिए प्लास्टिक से बने उत्पाद गंभीर खतरा बन रहे हैं। प्लास्टिक उत्पाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले बिसफिनोल-ए रसायन गर्भावस्था में मधुमेह की वजह बन रहा है। इसकी वजह से प्रसूता और होने वाले बच्चे दोनों को जोखिम रहता है। डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान और आगरा के सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के साझा अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है।

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अध्ययन में जुलाई 2023 से जून 2024 के बीच संस्थान में आने वालीं 161 गर्भवती महिलाओं को शामिल किया गया। इन्हें दो समूहों में बांटा गया। पहले समूह में गर्भावस्था की अवधि में मधुमेह से पीड़ित और दूसरे में सामान्य महिलाएं थीं। इनके मूत्र का नमूना लेकर उसमें बिसफिनोल-ए रसायन और खून में ग्लूकोज के स्तर की जांच की गई। अध्ययन में डॉ. प्रभाव के. अग्रवाल, डॉ. शिव एस यादव, डॉ. रुचिका गर्ग, डॉ. कामना सिंह, डॉ. संदीप्ता के. पांडा, डॉ. मनीष आर. कुलश्रेष्ठ, डॉ. आशीष गौतम, डॉ. निखिल पुर्सनानी, डॉ. प्रशांत गुप्ता, डॉ. गौरव गुप्ता शामिल रहे।
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मधुमेह पीड़ित महिलाओं में तीन गुना ज्यादा मिला खतरनाक रसायन
- अध्ययन में देखा गया कि गर्भावस्था मधुमेह से पीड़ित महिलाओं में बिसफिनोल-ए रसायन का स्तर 41.17 माइक्रोग्राम प्रति लीटर था।
- वहीं, सामान्य महिलाओं में इस रसायन का स्तर 14.19 माइक्रोग्राम प्रति लीटर ही था।
- इस तरह सामान्य के मुकाबले मधुमेह पीड़ित महिलाओं में बिसफिनोल-ए रसायन का स्तर करीब तीन गुना मिला।

शहरी क्षेत्र में गर्भावस्था मधुमेह की समस्या ज्यादा
- गर्भावस्था मधुमेह, गर्भ की अवस्था के दौरान विकसित होता है। गर्भावस्था के हार्मोन से इंसुलिन रुकने की वजह से महिला के खून में ग्लूकोज का स्तर बहुत अधिक हो जाता है।
- हालांकि, ज्यादातर मामलों में प्रसव के बाद यह स्तर सामान्य हो जाता है। शहरी क्षेत्र में 17.8 फीसदी और अर्धशहरी क्षेत्र में 13.8 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्र में 9.9 फीसदी महिलाएं इससे पीड़ित पाई गईं।

मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक

केजीएमयू की स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रो. सीमा मेहरोत्रा के मुताबिक, गर्भावस्था में मधुमेह होने से मां और उसके शिशु, दोनों के लिए खतरा होता है। इसकी वजह से समय से पहले प्रसव, बड़े आकार के शिशु का जन्म, पीलिया और गर्भ में शिशु की मृत्यु तक हो सकती है। वहीं, मां को भविष्य में मधुमेह की स्थायी समस्या होने का जोखिम भी रहता है।

इन उत्पादों में पाया जाता है बिसफिनोल-ए रसायन
बिसफिनोल-ए एक सिंथेटिक रसायन है। यह रसायन पानी की बोतलों, खाद्य भंडारण कंटेनर और कुछ खाद्य डिब्बों की आंतरिक कोटिंग में पाया जाता है। इन प्लास्टिक उत्पादों का इस्तेमाल करने से महिला के शरीर में यह रसायन पहुंचता रहता है। यह रसायन गर्भावस्था के दौरान गंभीर जोखिम पैदा करता है।

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