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ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वाले हो जाएं सावधान, 84 करोड़ खर्च कर लगेगा स्मार्ट सिस्टम
प्रवेंद्र गुप्ता, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:35 PM IST
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- फोटो : डेमो
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ट्रैफिक नियम तोड़ना खेल समझने वाले सुधर जाएं। क्योंकि आने वाले दिनों में यह खेल नहीं चलेगा। लखनऊ में एक एकीकृत हाईटेक यातायात कंट्रोल सिस्टम (आईटीएमएस) शुरू होने जा रहा है, जो हर वाहन पर बारीकी से नजर रखेगा।
तेज गति से वाहन चलाया, दो पहिया पर तीन सवारी बैठाई या हेलमेट नहीं लगाया तो बच नहीं पाएंगे। स्टाप लाइन का उल्लंघन, गलत दिशा में ड्राइविंग की तो भी पकड़े जाएंगे। इसके लिए हर चौराहे पर यातायात सिपाहियों को तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और सेंसर यह सब काम करेंगे। इस पर 77 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए कंपनी का चयन हो गया है और उसको काम करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
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शहर के ट्रैफिक सिस्टम को हाईटेक करने का काम स्मार्ट सिटी योजना में किया जा रहा है।
इसमें ट्रैफिक सर्विलांस, ट्रैफिक सिक्योरिटी, ई चालान, ट्रैफिक कमांड सेंटर पर प्रमुखता से काम किया जा जाएगा। आईटीएमएस सेंटर को स्मार्ट सिटी योजना में बनाए जा रहे इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से भी कनेक्ट किया जाएगा। ताकि ट्रैफिक के संबंध में जो शिकायतें आएं या शहरवासियों को जो जानकारी चाहिए हो वह उनको वहीं से मिल जाए।
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तेज गति से वाहन चलाया, दो पहिया पर तीन सवारी बैठाई या हेलमेट नहीं लगाया तो बच नहीं पाएंगे। स्टाप लाइन का उल्लंघन, गलत दिशा में ड्राइविंग की तो भी पकड़े जाएंगे। इसके लिए हर चौराहे पर यातायात सिपाहियों को तैनात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और सेंसर यह सब काम करेंगे। इस पर 77 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए कंपनी का चयन हो गया है और उसको काम करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।
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शहर के ट्रैफिक सिस्टम को हाईटेक करने का काम स्मार्ट सिटी योजना में किया जा रहा है।
इसमें ट्रैफिक सर्विलांस, ट्रैफिक सिक्योरिटी, ई चालान, ट्रैफिक कमांड सेंटर पर प्रमुखता से काम किया जा जाएगा। आईटीएमएस सेंटर को स्मार्ट सिटी योजना में बनाए जा रहे इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर से भी कनेक्ट किया जाएगा। ताकि ट्रैफिक के संबंध में जो शिकायतें आएं या शहरवासियों को जो जानकारी चाहिए हो वह उनको वहीं से मिल जाए।
6.68 करोड़ रुपये से सड़क-चौराहे होंगे स्मार्ट
इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर इसलिए बनाया जा रहा है ताकि शहरवासियों को अलग-अलग विभाग से संबंधित सेवाओं और शिकायतों के लिए अलग-अलग संपर्क न करना पड़े। उनको एक ही कंट्रोल सेंटर पर संपर्क करने पर समाधान मिल जाए। आईटीएमएस के लिए टेंडर के जरिए टेक्नोसेज सिक्योरिटी सिस्टम गाजियाबाद की कंपनी को दिया गया है। आईटीएमएस पर 77.54 करोड़ रुपएये खर्च होंगे।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत ही शहर में करीब 50 किमी सड़क और उसके बीच पड़ने वाले चौराहों को स्मार्ट बनाने का काम किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट नई दिल्ली प्रोजेक्ट तैयार रही है।
इसमें डालीगंज अंडरपास से सूरज कुंड की सड़क और चौराहे को स्मार्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार हो गया है और उसको लेकर एजेंसी का चयन भी टेंडर के जरिए होगा। कंपनी एग्रीमेंट का काम शुरू करे इसके लिए स्मार्ट सिटी योजना के महाप्रबंधक की ओर से आदेश भी लखनऊ की सत्या कांस्ट्रक्शन एजेंसी को जारी कर दिया गया है। इस काकर पर 6.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जल्द अनुबंध कर शुरू होगा काम
आईटीएसम के लिए कंपनी का चयन होगा गया है। उसको काम करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। कंपनी आकर अब एग्रीमेंट कर काम शुरू करेगी। इसी तरह डालीगंज रोड पर स्मार्ट रोड और चौराहा स्मार्ट बनाने को भी एजेंसी का चयन कर लिया गया है। उसका भी आदेश जारी कर दिया गया है। अब जल्द ही यह काम भी शुरू हो जाएगा। - एसके जैन, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत ही शहर में करीब 50 किमी सड़क और उसके बीच पड़ने वाले चौराहों को स्मार्ट बनाने का काम किया जाना है। इसके लिए केंद्र सरकार की संस्था इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्ट नई दिल्ली प्रोजेक्ट तैयार रही है।
इसमें डालीगंज अंडरपास से सूरज कुंड की सड़क और चौराहे को स्मार्ट बनाने का प्रस्ताव तैयार हो गया है और उसको लेकर एजेंसी का चयन भी टेंडर के जरिए होगा। कंपनी एग्रीमेंट का काम शुरू करे इसके लिए स्मार्ट सिटी योजना के महाप्रबंधक की ओर से आदेश भी लखनऊ की सत्या कांस्ट्रक्शन एजेंसी को जारी कर दिया गया है। इस काकर पर 6.68 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
जल्द अनुबंध कर शुरू होगा काम
आईटीएसम के लिए कंपनी का चयन होगा गया है। उसको काम करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। कंपनी आकर अब एग्रीमेंट कर काम शुरू करेगी। इसी तरह डालीगंज रोड पर स्मार्ट रोड और चौराहा स्मार्ट बनाने को भी एजेंसी का चयन कर लिया गया है। उसका भी आदेश जारी कर दिया गया है। अब जल्द ही यह काम भी शुरू हो जाएगा। - एसके जैन, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी