राममंदिर की भव्यता, सुरक्षा व यात्री सुविधाओं का प्लान तैयार
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राममंदिर की भव्यता, सुरक्षा व यात्री सुविधाओं के तैयार के प्लान के संग राममंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र गुरुवार सुबह वापस दिल्ली रवाना हो गए। यहां पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों एवं एलएंडटी के इंजीनियरों के साथ उन्होंने दो दिनों तक गहन मंत्रणा कर राममंदिर सहित अयोध्या की सुरक्षा का पूरा ड्राफ्ट तैयार किया था। अब वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर प्रधानमंत्री को देंगे। हरी झंडी मिलने पर तय हुए प्लान को मूर्त रूप देने का काम तेजी से किया जाएगा। ट्रस्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक माह बाद नृपेंद्र मिश्र पुन: अयोध्या आकर राममंदिर निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार रहे रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र राममंदिर की भव्यता व सुरक्षा के साथ अयोध्या के विस्तारीकरण व विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का खाका खींचने के लिए दो दिनी दौरे पर आए थे। मंगलवार को जहां रामजन्मभूमि परिसर का निरीक्षण कर नींव तैयार करने की पूरी जानकारी ली तो वहीं बुधवार को राममंदिर सहित अयोध्या की भव्यता व विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाओं का भी ब्लूप्रिंट तैयार किया। उन्होंने अयोध्या के कई क्षेत्रों का निरीक्षण भी किया। दो दिनी दौरे में उन्होंने ट्रस्ट के पदाधिकारियों के साथ कई अहम बिंदुओं पर फीड बैक भी लिया। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे वे पुख्ता प्लान लेकर दिल्ली रवाना हुए। बताया जा रहा है कि निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट नृपेंद्र मिश्र द्वारा सीधे पीएमओ को सौंपी जाएंगी, उसके बाद वहां से मुहर लगने के बाद ही तैयार की गई योजनाओं को आगे बढ़ाने पर काम शुरू होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अक्तूबर में नींव खोदाई प्रारंभ होने से पहले वे एक बार फिर अयोध्या पहुंचकर राममंदिर निर्माण की तैयारियों की समीक्षा करेंगे।
12 सितंबर को दिल्ली में होगी महत्वपूर्ण बैठक
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, 12 सितंबर को दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में एलएंडटी और आईआईटी चेन्नई के अलावा बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, रुड़की के एक्सपर्ट शामिल होंगे। बैठक में यह तय होगा कि 70 एकड़ के पूरे परिसर में राम मंदिर के अलावा बाकी स्थानों पर कहां पर किस भवन का निर्माण होगा। जानकारी के मुताबिक, इस खास बैठक में यह भी तय होगा कि राममंदिर का मुख्य द्वार कौन सा होगा, निकास द्वार कहां बनेगा, यात्री विश्रामलय कहां होगा और नक्षत्र वाटिका कहां होगी। इसके अलावा अन्य निर्माण पर भी चर्चा की जाएगी। इसके बाद एक फाइनल रिपोर्ट राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र को तकनीकी एक्सपर्ट सौंपेंगे। उसी आधार पर निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।
राममंदिर के 1200 खंभों को ढालने में लगेगी चार रिंग मशीन
राममंदिर की नींव खोदाई को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। आगामी 15 से नींव खोदाई के लिए पहले एक पाइलिंग की टेस्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। पाइलिंग टेस्टिंग के करीब एक माह बाद अक्तूबर के मध्य से राममंदिर की नींव खोदाई का काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। भूमि के नीचे 100 फीट गहराई तक एक मीटर व्यास की मिट्टी निकाल कर गहरा कुआं बनाने के लिए रिंग मशीन का प्रयोग किया जाएगा। ऐसी चार मशीनें रामजन्मभूमि परिसर पहुंच गयी हैं। इन चार रिंग मशीनों द्वारा 1200 खंभों को राममंदिर की नींव में डाला जाएगा।