पीयूष बोले, बिजली की कोई कमी नहीं, यूपी को जितनी चाहिए केंद्र देने को तैयार
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केंद्रीय बिजली राज्यमंत्री पीयूष गोयल का कहना है कि यूपी को जितनी बिजली चाहिए, केंद्र देने को तैयार है। जहां तक बिजली की कमी का सवाल है तो एनर्जी एक्सचेंज में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है। सभी को 24 घंटे बिजली मिले इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार हर तरह की मदद के लिए तैयार है। बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित किसानों के बिजली माफ करने के बारे में उनका कहना था कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है।
गोयल ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में राज्यों के बीच बिजली आवंटन के मौजूदा गाडगिल फार्मूले में बदलाव के बारे में पूछे जाने पर कहा कि गाडगिल फार्मूला कई वर्षों से चला आ रहा है। इसमें बदलाव के बजाय हम प्रदेश को जरूरत भर बिजली देने को तैयार हैं।
उत्तरी क्षेत्र लोड डिस्पैच सेंटर के शुक्रवार के बिजली आपूर्ति संबंधी आंकड़ों का ब्यौरा देते हुए गोयल ने कहा कि पीक ऑवर्स में बिजली की कोई कमी नहीं थी लेकिन कुल मिलाकर 20 मिलियन यूनिट की शार्टेज दर्ज हुई थी। अगर बिजली की कमी थी तो एक्सचेंज से खरीद सकते थे।
जनता कर सकती है सवाल, क्यों नहीं खरीद रहे बिजली?
गोयल ने बताया कि उनके मंत्रालय की ओर से ‘विद्युत प्रवाह’ नाम से एक एप लांच किया गया है। इस एप पर हर 15 मिनट पर एक्सचेंज में उपलब्ध बिजली की कीमत का ब्यौरा रहता है।
उन्होंने कहा कि एप के जरिये केंद्र सरकार जनता को सक्षम बनाना चाहती है ताकि लोग इसे देखकर सरकार से सवाल कर सकें कि कमी है तो बिजली खरीदी क्यों नहीं जा रही है?
सबसे ज्यादा वित्तीय मदद यूपी को
उन्होंने कहा कि जहां तक वित्तीय मदद का सवाल है तो सबसे ज्यादा सहायता यूपी को ही दी गई है। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत यूपी की 6,946 करोड़ रुपये तथा समन्वित विद्युत विकास योजना के तहत 5,651 करोड़ रुपये की योजनाएं मंजूर की गई हैं।
बैकलाग की योजनाओं के लिए अलग पैसा दिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई ‘उदय’ योजना से यूपी को 33,000 करोड़ रुपये का फायदा होगा।