बिजली पर मोदी के मंत्री और अखिलेश में तकरार!
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प्रदेश में बिजली को लेकर मचे हाहाकार पर केंद्रीय ऊर्जा एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को यूपी सरकार पर ही पलटवार कर दिया।
उन्होंने यूपी की बिजली समस्या के लिए प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह खुद ही सहयोग नहीं कर रही है। प्रदेश की कानून-व्यवस्था का आलम यह है कि यहां ठेकेदार भी काम करना नहीं चाहते हैं।
केंद्रीय मंत्री रविवार को दिल्ली से टेलीकॉन्फ्रेंसिंग के जरिये 13 राज्यों के पत्रकारों से रूबरू हुए। उत्तर प्रदेश की बिजली समस्या पर पूछे गए प्रश्न के जवाब में पीयूष गोयल ने कहा कि यहां की समस्या को लेकर हम संजीदा हैं।
हमने कई बार मुख्यमंत्री से बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। शायद मुख्यमंत्री ज्यादा व्यस्त थे। कानून-व्यवस्था की समस्या यूपी में ज्यादा है, शायद इसीलिए मुख्यमंत्री बिजली पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
'यूपी को मिलता है सबसे ज्यादा कोटा'
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को पूरे देश में सबसे ज्यादा बिजली का कोटा मिलता है। यहां 6384 मेगावाट बिजली सेंट्रल कोटे से दी जाती है।
यूपी से 73 सांसद भाजपा के हैं, लेकिन हमें अफसोस है कि हम यूपी के लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं। हैरत की बात यह है कि प्रदेश में बिजली संकट है लेकिन यूपी सरकार की ओर से बिजली क्षेत्र के एक भी प्रस्ताव केंद्र नहीं आते हैं।
गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लिए केंद्र सरकार काफी कुछ करना चाहती है लेकिन प्रदेश सरकार का सहयोग नहीं मिल रहा। सोलर पावर प्लांट के लिए भी यूपी सरकार जमीन नहीं दे रही।
उन्होंने कहा कि यूपी सरकार ने 30 मई को कम बिजली देने के आरोप लगाए। हमने अगले ही दिन से 377 मेगावाट बिजली की व्यवस्था की, लेकिन दो-तीन दिन बिजली लेने के बाद यूपी ने इसे लेना बंद कर दिया। प्रदेश में 42 फीसदी लाइन लॉस है। पहले इसे घटाने के प्रयास करने चाहिए।
15 के बाद सीएम अखिलेश के साथ बैठक
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि शनिवार का दिन शुभ दिन था। सबसे पहले यूपी के राज्यपाल राम नाईक का फोन आया और उन्होंने बिजली की दिशा में कुछ काम करने के लिए कहा।
इसके आधे घंटे बाद ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोन आ गया। अब 15 सितंबर के बाद जब भी मुख्यमंत्री समय देंगे, यूपी की बिजली समस्याओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
किस तरह यूपी को 24 घंटे बिजली मिले, इसका निदान निकाला जाएगा। गोयल ने कहा कि वे हर प्रदेश के साथ मिलकर समस्या के समाधान के लिए काम करने को तैयार हैं, लेकिन यदि कोई राजनीति करेगा तो वे भी उनके कच्चे चिट्ठे खोलने के लिए तैयार हैं। इसलिए राज्य सरकार को राजनीति के बजाय समस्या के निपटारे के लिए काम करना चाहिए।
अखिलेश ने किया पलटवार
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह यूपी के बिजलीघरों के लिए पर्याप्त कोयला नहीं दे रही है।
कोयला आवंटन के लिए अब तक कई पत्र केंद्र को लिखे जा चुके हैं लेकिन जवाब किसी का नहीं मिला। उन्होंने कहा, कोयला नहीं मिल पाने से यूपी के कई बिजलीघर बंद हो गए हैं जबकि कुछ बंद होने के कगार पर हैं।
अखिलेश यादव ने रविवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल की पत्रकार वार्ता के बाद उन पर पलटवार किया। मुख्यमंत्री ने ट्विटर पर गोयल के आरोपों का जवाब दिया।
उन्होंने कहा, केंद्रीय कोटे से रविवार को 5863 मेगावाट बिजली आवंटित की गई लेकिन 3972 मेगावाट बिजली की ही सप्लाई हो सकी। यानी आवंटित बिजली में से 1891 मेगावाट कम बिजली दी गई।
बंद हो गए कई बिजलीघर
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने यह दावा किया था कि केंद्रीय कोटे से यूपी को सबसे ज्यादा बिजली दी जा रही है।
उल्लेखनीय है कि कोयला आवंटित न होने से यूपी के कई बिजली घर बंद हो गए हैं। 210 मेगावाट की पारीछा-3 व 300 मेगावाट की रोजा इकाई कोयला न होने के कारण बंद हो गई है।
अनपरा की लैंको यूनिट भी कोयले की कमी के कारण बंद होने के कगार पर है। अनपरा बिजलीघर को पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन आठ हजार मीट्रिक टन कोयला ही मिल रहा है जबकि यहां 28 हजार मीट्रिक टन कोयले की प्रतिदिन जरूरत होती है।