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Lucknow News: दरगाह मेले की चौथी पर दिकौली में उमड़े जायरीन
Mon, 17 Jun 2024 02:46 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 17 Jun 2024 02:46 AM IST
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तुलसीपुर (श्रावस्ती)। बहराइच में गाजी सरकार की चौथी पर रविवार को सोनवा के दिकौली में काफी संख्या में जायरीन पहुंचे। जहां बड़े पुरुष की मजार पर जियारत के बाद जायरीन दरगाह शरीफ बहराइच के लिए रवाना हुए।
बहराइच के सय्यद सालार मसूद गाजी (गाजी मियां) की चौथी पर रविवार को दिकौली में जायरीनों की भीड़ देखने को मिली।ऐसी मान्यता है कि बड़े पुरुष की मजार पर हाजिरी लगाए बगैर दरगाह शरीफ में जियारत पूरी नहीं मानी जाती। ऐसे में कोई चादर, कोइ्र फूल तो कोई ढोल मंजीरे के साथ हाजिरी के लिए दिकौली पहुचा। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी के बीच लोग मौसम की परवाह किए बगैर जियारत के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
गंगा दशहरा पर किया पूजन
कटरा (श्रावस्ती)। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी पर मनाया जाने वाला गंगा दशहरा जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। ऐसी मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी मान्यता के चलते इकौना नगर सहित आसपास क्षेत्र की महिलाओं ने राप्ती नदी के अंधरपुरवा घाट सहित अन्य घाटों पर जाकर राप्ती का पूजन किया।वहीं अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से स्थापित शक्ति पीठों पर यज्ञ और अन्य संस्कारों का आयोजन किया गया। जहां बाद में भंडारे का आयोजन भी हुआ। गायत्री परिवार के जिला संयोजक दधिबल सिंह ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। भागीरथ के प्रयास से धरती पर आई मां गंगा ने मानवों का कल्याण किया। इसी के साथ गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पंडित राम शर्मा ने इसी दिन शरीर छोड़ा था। इसलिए गायत्री परिवार इस दिन को विशेष मानता है।
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बहराइच के सय्यद सालार मसूद गाजी (गाजी मियां) की चौथी पर रविवार को दिकौली में जायरीनों की भीड़ देखने को मिली।ऐसी मान्यता है कि बड़े पुरुष की मजार पर हाजिरी लगाए बगैर दरगाह शरीफ में जियारत पूरी नहीं मानी जाती। ऐसे में कोई चादर, कोइ्र फूल तो कोई ढोल मंजीरे के साथ हाजिरी के लिए दिकौली पहुचा। चिलचिलाती धूप व उमस भरी गर्मी के बीच लोग मौसम की परवाह किए बगैर जियारत के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
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गंगा दशहरा पर किया पूजन
कटरा (श्रावस्ती)। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी पर मनाया जाने वाला गंगा दशहरा जिले में परंपरागत ढंग से मनाया गया। ऐसी मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। इसी मान्यता के चलते इकौना नगर सहित आसपास क्षेत्र की महिलाओं ने राप्ती नदी के अंधरपुरवा घाट सहित अन्य घाटों पर जाकर राप्ती का पूजन किया।वहीं अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से स्थापित शक्ति पीठों पर यज्ञ और अन्य संस्कारों का आयोजन किया गया। जहां बाद में भंडारे का आयोजन भी हुआ। गायत्री परिवार के जिला संयोजक दधिबल सिंह ने बताया कि गंगा दशहरा के दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। भागीरथ के प्रयास से धरती पर आई मां गंगा ने मानवों का कल्याण किया। इसी के साथ गायत्री परिवार के संस्थापक आचार्य पंडित राम शर्मा ने इसी दिन शरीर छोड़ा था। इसलिए गायत्री परिवार इस दिन को विशेष मानता है।
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