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साईं पर बोलकर शंकराचार्य फंसे, कोर्ट पहुंचा मामला!

Fri, 04 Jul 2014 01:20 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 04 Jul 2014 01:20 PM IST
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PIL filed against Swaroopananda Saraswati in HC

लखनऊ स्थित सांई मंदिर प्राधिकरण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में द्वारकापीठ के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।

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याचिका में कहा गया है कि शंकराचार्य ने सांई बाबा के बारे में अपमानजनक बयान देकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।

याचिका में कहा गया है कि ऐसे में शंकराचार्य के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए। याचिका पर 4 जुलाई को सुनवाई हो सकती है।

शंकराचार्य ने ये की थी‌ टिप्‍पणी

PIL filed against Swaroopananda Saraswati in HC

शंकराचार्य ने सांई बाबा के बारे में कहा था कि सांई की पूजा करना एक षडयंत्र है जिससे कि हिंदुओं को विभाजित किया जा सके।

उन्होंने कहा था कि सांई बाबा एक इंसान थे इसलिए उन्हें कभी भी भगवान का दर्जा नहीं दिया जा सकता। उनके मंदिर नहीं बनवाए जाने चाहिए और उनकी पूजा भी नहीं करनी चाहिए।

जिसका सांई के भक्तों ने व्यापक विरोध किया, वहीं नागा साधुओं ने शंकराचार्य का समर्थन करते हुए चेतावनी दी थी कि अगर द्वारका पीठ का अपमान होता है तो इसका माकूल जवाब दिया जाएगा। नागा साधुओं ने इसे 'धर्मयुद्घ' कहा था।

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शंकराचार्य ने किया खंडन

PIL filed against Swaroopananda Saraswati in HC

शंकराचार्य ने सांई को हिंदू मुस्लिम एकता का प्रतीक मानने से इनकार करते हुए कहा था कि अगर ऐसा होता ‌तो सांई बाबा मुस्लिमों में भी उतना ही सम्मान पाते जितना की हिन्दुओं में वह सम्मानित हैं।

शंकराचार्य ने यह भी कहा था कि सनातन धर्म में भगवान विष्‍णु के 24 अवतार माने जाते हैं। जिसमें कलयुग के अवतार कल्कि और बुद्घ हैं।

इनके अलावा किसी अन्य अवतार का जिक्र नहीं है। इसलिए सांई को भगवान का अवतार नहीं माना जा सकता।

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मांसाहारी थे सांई

PIL filed against Swaroopananda Saraswati in HC

शंकराचार्य ने अपने बयान में यह भी जोड़ा कि सांई मांसाहारी थे और अल्लाह की इबादत करते थे। इसलिए वह हिंदुओं के देवता हो ही नहीं सकते।

वहीं देश भर में बने सांई के मंदिरों पर शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर मुद्दे से हिंदुओं का ध्यान हटाने के लिए देश भर में सांई मंदिरों का निर्माण करवाया गया है।

इस‌के जवाब में श्री सांई बाबा संस्‍था के जयंत सेन का कहना है कि शंकराचार्य की इस टिप्पणी से सांई के भक्तों को ठेस पहुंची है। हालांकि सेन ने शंकराचार्य के खिलाफ किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन से साफ इनकार कर दिया।

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