फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   PGI and KGMU will now be able to treat corona patients with plasma therapy without the permission of indian council of medical research

खुशखबरी: केजीएमयू व पीजीआई अब सीधे कर सकेंगे प्लाज्मा थेरेपी, ड्रग कंट्रोलर की हरी झंडी

Fri, 03 Jul 2020 06:02 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Fri, 03 Jul 2020 06:02 PM IST
विज्ञापन
PGI and KGMU will now be able to treat corona patients with plasma therapy without the permission of indian council of medical research
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
कोरोना के कहर के बीच दो अच्छी खबरों ने राहत दी। पीजीआई और केजीएमयू अब इंडियन काउंसिल ऑफ  मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की अनुमति के बिना प्लाज्मा थेरेपी से कोरोना मरीजों का इलाज कर सकेंगे। इसके लिए ड्रग कंट्रोलर ऑफ  इंडिया से हरी झंडी मिल चुकी है।
विज्ञापन


वहीं, सिविल अस्पताल में कोरोना की एंटीजन कार्ड टेस्ट के जरिए भी जांच शुरू हो गई है। आईसीएमआर ने केजीएमयू व पीजीआई सहित 50 चिकित्सा संस्थानों को प्लाज्मा थेरेपी की अनुमति दी है। अभी तक उक्त संस्थानों में कोरोना मरीजों का इलाज आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार होता रहा है।यदि डॉक्टर व तीमारदार चाहें तो भी प्लाज्मा थेरेपी से इलाज नहीं करा सकते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले महीने के आखिर में केजीएमयू और पीजीआई को ऑफ लेबल प्लाज्मा थेरेपी की मंजूरी दी है। 
विज्ञापन


तीमारदार की इच्छा से हो सकेगी प्लाज्मा थेरेपी
केजीएमयू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तूलिका चंद्रा के अनुसार ड्रग कंट्रोलर ऑफ  इंडिया से भी प्लाज्मा थेरेपी दिए जाने की अनुमति मिल गई है। अब तीमारदार की इच्छा के बाद उसके मरीज का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से डाक्टर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अलग से आईसीएमआर की अनुमति नहीं लेनी होगी। बताया कि अब डायबिटीज, गुर्दा, हृदय व कैंसर से पीड़ित कोरोना संक्रमितों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा सकेग
विज्ञापन
विज्ञापन

आधे घंटे में मिलेगी कोरोना रिपोर्ट

सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि गुरुवार से एंटीजन कार्ड टेस्ट के जरिए भी जांच शुरू हो गई है। यह जांच नाक के पानी का नमूना लेकर की जाती है। नमूने को किट पर रख देते हैं। 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट आ जाती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पुष्टि के लिए सैंपल दोबारा भेजा जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने 300 किट भेजी हैं। इससे पहले ट्रूूनेट मशीन के जरिए कोरोना रिपोर्ट करीब दो घंटे में आती थी। इस दौरान मरीज को होल्डिंग एरिया में रखा जाता था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed