खुशखबरी: केजीएमयू व पीजीआई अब सीधे कर सकेंगे प्लाज्मा थेरेपी, ड्रग कंट्रोलर की हरी झंडी
वहीं, सिविल अस्पताल में कोरोना की एंटीजन कार्ड टेस्ट के जरिए भी जांच शुरू हो गई है। आईसीएमआर ने केजीएमयू व पीजीआई सहित 50 चिकित्सा संस्थानों को प्लाज्मा थेरेपी की अनुमति दी है। अभी तक उक्त संस्थानों में कोरोना मरीजों का इलाज आईसीएमआर की गाइडलाइन के अनुसार होता रहा है।यदि डॉक्टर व तीमारदार चाहें तो भी प्लाज्मा थेरेपी से इलाज नहीं करा सकते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पिछले महीने के आखिर में केजीएमयू और पीजीआई को ऑफ लेबल प्लाज्मा थेरेपी की मंजूरी दी है।
तीमारदार की इच्छा से हो सकेगी प्लाज्मा थेरेपी
केजीएमयू के ब्लड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. तूलिका चंद्रा के अनुसार ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया से भी प्लाज्मा थेरेपी दिए जाने की अनुमति मिल गई है। अब तीमारदार की इच्छा के बाद उसके मरीज का इलाज प्लाज्मा थेरेपी से डाक्टर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें अलग से आईसीएमआर की अनुमति नहीं लेनी होगी। बताया कि अब डायबिटीज, गुर्दा, हृदय व कैंसर से पीड़ित कोरोना संक्रमितों को प्लाज्मा थेरेपी दी जा सकेग
आधे घंटे में मिलेगी कोरोना रिपोर्ट
सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. डीएस नेगी ने बताया कि गुरुवार से एंटीजन कार्ड टेस्ट के जरिए भी जांच शुरू हो गई है। यह जांच नाक के पानी का नमूना लेकर की जाती है। नमूने को किट पर रख देते हैं। 30 मिनट के भीतर रिपोर्ट आ जाती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पुष्टि के लिए सैंपल दोबारा भेजा जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग ने 300 किट भेजी हैं। इससे पहले ट्रूूनेट मशीन के जरिए कोरोना रिपोर्ट करीब दो घंटे में आती थी। इस दौरान मरीज को होल्डिंग एरिया में रखा जाता था।