{"_id":"6619932734d2142c8302b177","slug":"pg-studies-will-start-from-july-approval-received-raebareli-news-c-101-1-slko1033-113183-2024-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: जुलाई से शुरू होगी पीजी की पढ़ाई, स्वीकृति मिली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: जुलाई से शुरू होगी पीजी की पढ़ाई, स्वीकृति मिली
Sat, 13 Apr 2024 01:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 13 Apr 2024 01:31 AM IST
विज्ञापन
रायबरेली जिला अस्पताल।
रायबरेली। एम्स की तरह जिला अस्पताल में भी आगामी जुलाई से पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। जनरल मेडिसिन और नाक-कान, गला (ईएनटी) विभाग मेंं डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड (डीएनबी) के तीन वर्षीय कोर्स की स्वीकृति मिल गई है। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) से स्वीकृति मिलने के बाद दोनों विभागों को दो-दो जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर मिलेंगे। ये डॉक्टर जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज के साथ पढ़ाई भी करेंगे।
एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए पीजी की पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए एम्स, एसजीपीजीआई, मेडिकल कॉलेजों में ही अब तक यह सुविधा उपलब्ध थी। शासन ने अब जिला अस्पताल में भी पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था कर दी है। जिला महिला और पुरुष अस्पताल के सात विभागों में यह पढ़ाई शुरू होनी है, लेकिन सारी औपचारिकता पूरी होने के बाद जनरल मेडिसिन और नाक-कान, गला विभाग में जुलाई माह से पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की स्वीकृति मिल गई है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हड्डी रोग, स्त्री रोग, बाल रोग, सर्जरी, नेत्र विभाग आदि में भी जल्द ही पीजी की पढ़ाई के लिए स्वीकृति मिलेगी।
सीएचओ हाॅल में चलेंगी कक्षाएं
जिला अस्पताल स्थित सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। साथ ही डीएनबी की कक्षाएं चलाने के लिए क्लासरूम भी बनेगा। कांफ्रेंस व लेक्चर हाॅल आदि की व्यवस्था होगी। रेजीडेंट डॉक्टरों के रुकने के लिए अलग से हॉस्टल की व्यवस्था कराई जाएगी।
विज्ञापन
चिकित्सीय सेवाओं में होगा सुधार
पीजी (डीएनबी) कोर्स की पढ़ाई के लिए जनरल मेडिसिन व नाक-कान, गला विभाग को स्वीकृति मिल गई है। आगामी जुलाई माह से पढ़ाई शुरू होगी। कई और विभागों में पीजी की पढ़ाई के लिए जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर मिलने से अस्पताल में चिकित्सीय सेवाओं में और सुधार होगा। डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी।
- डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए पीजी की पढ़ाई करनी पड़ती है। इसके लिए एम्स, एसजीपीजीआई, मेडिकल कॉलेजों में ही अब तक यह सुविधा उपलब्ध थी। शासन ने अब जिला अस्पताल में भी पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था कर दी है। जिला महिला और पुरुष अस्पताल के सात विभागों में यह पढ़ाई शुरू होनी है, लेकिन सारी औपचारिकता पूरी होने के बाद जनरल मेडिसिन और नाक-कान, गला विभाग में जुलाई माह से पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की स्वीकृति मिल गई है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद हड्डी रोग, स्त्री रोग, बाल रोग, सर्जरी, नेत्र विभाग आदि में भी जल्द ही पीजी की पढ़ाई के लिए स्वीकृति मिलेगी।
विज्ञापन
सीएचओ हाॅल में चलेंगी कक्षाएं
जिला अस्पताल स्थित सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। साथ ही डीएनबी की कक्षाएं चलाने के लिए क्लासरूम भी बनेगा। कांफ्रेंस व लेक्चर हाॅल आदि की व्यवस्था होगी। रेजीडेंट डॉक्टरों के रुकने के लिए अलग से हॉस्टल की व्यवस्था कराई जाएगी।
विज्ञापन
चिकित्सीय सेवाओं में होगा सुधार
पीजी (डीएनबी) कोर्स की पढ़ाई के लिए जनरल मेडिसिन व नाक-कान, गला विभाग को स्वीकृति मिल गई है। आगामी जुलाई माह से पढ़ाई शुरू होगी। कई और विभागों में पीजी की पढ़ाई के लिए जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर मिलने से अस्पताल में चिकित्सीय सेवाओं में और सुधार होगा। डॉक्टरों की कमी भी दूर होगी।
- डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल