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लविवि : अब केंद्रीकृत तरीके से आयोजित होंगी पीजी की परीक्षाएं
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लखनाऊ विवि बदलने जा रहा है पीजी कोर्सें में परीक्षा की व्यवस्था। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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लखनऊ विश्वविद्यालय अब विवि की परास्नातक कोर्सों की परीक्षाएं भी केंद्रीकृत तरीके से आयोजित करेगा। अभी इनका आयोजन विभाग स्तर पर होता है।
विवि प्रशासन के अनुसार, इससे परीक्षा के आयोजन व परिणाम आदि में समय लगता था। इसे देखते हुए केंद्रीकृत व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है। इससे समय, श्रम और खर्चे में कमी आएगी।
विवि में स्नातक कोर्सों की परीक्षाएं केंद्रीकृत तरीके से केंद्र का निर्धारण कराकर परीक्षा विभाग की निगरानी में आयोजित की जाती हैं। किंतु पीजी में ऐसा नहीं था।
अब जब विवि की परास्नातक कोर्सों की परीक्षाएं छह अगस्त से प्रस्तावित हैं। इसी क्रम में परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी की ओर से सभी विभागों को पत्र भेजकर कहा गया है कि कुलपति के निर्देशानुसार परास्नातक सम सेमेस्टर 2022 की परीक्षाएं स्नातक परीक्षाओं की भांति केंद्रीय प्रणाली से सुबह व शाम की पाली में होंगी।
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उन्होंने संकाध्यक्ष/विभागाध्यक्षों से इसके लिए समय से प्रश्न पत्र व परीक्षा कार्यक्रम उपलब्ध कराने को भी कहा है।
बता दें कि इसी तरह विभाग स्तर पर कॉपियां जांचने की व्यवस्था भी समाप्त कर पीजी में भी केंद्रीकृत मूल्यांकन की व्यवस्था पिछले सेमेस्टर से ही शुरू की गई है।
हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि विभाग स्तर पर परीक्षाओं के फायदे भी थे। किसी एक के चक्कर में सभी विभागों की न तो परीक्षाएं फंसती थी और न ही परिणाम। किंतु केंद्रीकृत व्यवस्था में समय से परीक्षाएं और परिणाम जारी करना बड़ी चुनौती होगा।
विवि से चार नए जिलों रायबरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर व हरदोई के कॉलेज जुड़ने के बाद परीक्षा विभाग के सामने स्नातक परीक्षाओं का आयोजन और उनका परिणाम समय से देना ही एक बड़ी चुनौती है।
यही वजह है कि सभी चीजें समय पर हो इसीलिए पूर्व में विभाग स्तर पर परीक्षाओं का आयोजन किया जाता था।
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विवि प्रशासन के अनुसार, इससे परीक्षा के आयोजन व परिणाम आदि में समय लगता था। इसे देखते हुए केंद्रीकृत व्यवस्था को प्रभावी बनाया जा रहा है। इससे समय, श्रम और खर्चे में कमी आएगी।
विवि में स्नातक कोर्सों की परीक्षाएं केंद्रीकृत तरीके से केंद्र का निर्धारण कराकर परीक्षा विभाग की निगरानी में आयोजित की जाती हैं। किंतु पीजी में ऐसा नहीं था।
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अब जब विवि की परास्नातक कोर्सों की परीक्षाएं छह अगस्त से प्रस्तावित हैं। इसी क्रम में परीक्षा नियंत्रक विद्यानंद त्रिपाठी की ओर से सभी विभागों को पत्र भेजकर कहा गया है कि कुलपति के निर्देशानुसार परास्नातक सम सेमेस्टर 2022 की परीक्षाएं स्नातक परीक्षाओं की भांति केंद्रीय प्रणाली से सुबह व शाम की पाली में होंगी।
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उन्होंने संकाध्यक्ष/विभागाध्यक्षों से इसके लिए समय से प्रश्न पत्र व परीक्षा कार्यक्रम उपलब्ध कराने को भी कहा है।
बता दें कि इसी तरह विभाग स्तर पर कॉपियां जांचने की व्यवस्था भी समाप्त कर पीजी में भी केंद्रीकृत मूल्यांकन की व्यवस्था पिछले सेमेस्टर से ही शुरू की गई है।
हालांकि, शिक्षकों का कहना है कि विभाग स्तर पर परीक्षाओं के फायदे भी थे। किसी एक के चक्कर में सभी विभागों की न तो परीक्षाएं फंसती थी और न ही परिणाम। किंतु केंद्रीकृत व्यवस्था में समय से परीक्षाएं और परिणाम जारी करना बड़ी चुनौती होगा।
विवि से चार नए जिलों रायबरेली, लखीमपुर खीरी, सीतापुर व हरदोई के कॉलेज जुड़ने के बाद परीक्षा विभाग के सामने स्नातक परीक्षाओं का आयोजन और उनका परिणाम समय से देना ही एक बड़ी चुनौती है।
यही वजह है कि सभी चीजें समय पर हो इसीलिए पूर्व में विभाग स्तर पर परीक्षाओं का आयोजन किया जाता था।