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लाखों निकाय कर्मचारियों के पीएफ पर नहीं होगा 'खेल', सीएम की हिदायत पर बदली व्यवस्था
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 23 Jun 2018 10:33 AM IST
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नगर निकाय कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) की राशि में अब किसी तरह का ‘खेल’ नहीं हो सकेगा। मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत के बाद नगर विकास विभाग ने पीएफ की राशि सीधे कर्मचारियों के पीएफ खातों में जमा करने के निर्देश दिए हैं। नई व्यवस्था से पूर्व दो वर्षों से पीएफ के नाम पर काटी जा रही राशि को नगर निकाय अपने खाते में जमा करते थे, जिससे कर्मचारियों को इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता था।
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नगर निगम, नगर पालिका परिषदों के अलावा नगर पंचायतों के कर्मचारियों के पीएफ कटौती में पिछले दो वर्ष से ‘खेल’ चल रहा था। हर महीने तनख्वाह तो कर्मचारियों के खाते में भेज दी जाती है, लेकिन पीएफ के नाम पर काटी गई राशि संबंधित नगर निकाय के खाते में जमा की जाती थी। इस पर मिलने वाला ब्याज कहां खर्च होता था, इस बारे में किसी को जानकारी नहीं थी।
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इस संबंध में कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इसके बाद नगर विकास विभाग ने निदेशक स्थानीय निकाय व सभी नगर निकायों को पीएफ की राशि संबंधित कर्मचारी के पीएफ खाते में जमा कराने के निर्देश जारी कर दिए।
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कर्मचारियों को यह हो रहा था नुकसान
प्रदेश भर के निकायों में तैनात लाखों कर्मचारियों को पीएफ की धनराशि पर ब्याज नहीं मिल रहा था। सूत्रों की मानें तो इस ब्याज का इस्तेमाल अधिकारी मोटे कमीशन वाले कार्यों में करते थे। पिछले दो साल से पीएफ की धनराशि कर्मचारियों के खाते में जमा नहीं होने से उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है।