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लखनऊ में महारैली नहीं कर पाएंगे भाजपा से नाराज ओम प्रकाश राजभर, नहीं मिली मंजूरी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 01 Nov 2017 04:55 PM IST
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मंत्री ओमप्रकाश राजभर
- फोटो : amar ujala
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भारतीय समाज पार्टी के ओम प्रकाश राजभर लखनऊ में रैली नहीं कर पाएंगे निर्वाचन आयोग ने उन्हें अनुमति नहीं दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा कि निकाय चुनाव के लिए प्रदेश में आचार संहिता लागू है ऐसे में रैली की अनुमति नहीं दी जा सकती। आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को रैली रद्द करने का आदेश दे दिया है।
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गौरतलब है कि ओम प्रकाश राजभर यूपी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, लेकिन कई बार वो अपनी नाराजगी दिखा चुके हैं। उन्होंने ऐलान किया था कि वो योगी सरकार को अपनी हैसियत दिखाएंगे। इसके लिए पांच नवंबर को लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में महारैली करेंगे। जिसकी अनुमति उन्हें नहीं मिली।
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दरअसल, सरकारी विभागों में रिक्त पड़े पदों पर भर्ती को लेकर ओमप्रकाश राजभर ने सरकार से कहा है कि जब तक आरक्षण का वर्गीकरण न हो जाए तब तक किसी विभाग में भर्ती न की जाए।
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उन्होंने मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर पत्रकार वार्ता की। उन्होंने रैली आयोजित करने का औचित्य तो बताया ही, साथ ही शासन के कुछ अधिकारियों पर सरकार को बदनाम करने का आरोप लगाकर अपने तेवर का संकेत भी दिया। उन्होंने बताया कि 1990 में पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन सच्चाई यह है कि आरक्षण का लाभ कुछ जातियां ही उठा रही हैं।
मसलन राजभर, चौहान, मौर्या, कुशवाहा, प्रजापति, पाल, नाई, गौड़ कहार, गोसाईं, बिंद, केवट, मल्लाह, तुरहा, गुप्ता, चौरसिया, लोहार, कोहार व बियार आदि जातियों को अब तक आरक्षण नहीं मिल रहा है। इसी तरह अति दलित की श्रेणी में आने वाले मुसहर, बांसफोर, डोम, मेहतर, पासवान, कमकर, धोबी, पासी, खटिक व नट जैसी जातियों को अनुसूचित जाति के लिए लागू 22.5 प्रतिशत आरक्षण में हिस्सेदारी नहीं मिल पाई है। इसलिए भासपा चाहती है कि इन जातियों को लाभ दिलाने के लिए आरक्षण का वर्गीकरण कराया जाए। वह इसकी लड़ाई लड़ रहे हैं।