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स्मार्ट सिटी से सटे इलाकों में रहने वालों के लिए बड़ी खबर
ब्यूरो, अमरउजाला/लखनऊ
Updated Sat, 27 Aug 2016 02:06 PM IST
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स्मार्ट सिटी योजना में रेट्रोफिटिंग यानी एरिया बेस्ड डवलपमेंट योजना के तहत चुने गए कैसरबाग और उससे सटे इलाके के लोगों को विशेष सुविधाओं के लिए स्मार्ट सिटी सेस चुकाना होगा। यह सेस हाउस टैक्स का 30 से 40 फीसदी होगा।
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सेस की वसूली लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड’ कंपनी की स्पेशल परपज व्हीकल यानी एसपीवी करेगी। 16 अगस्त को कंपनी के गठन और एसपीवी को कम्पनी एक्ट के तहत मान्यता का प्रमाण पत्र भी जारी हो गया है।
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इसके बाद अब एसपीवी नगर निगम सदन से मिले अधिकारों के तहत रेट्रोफिटिंग एरिया के निवासियों से सेस की वसूली कर सकेगी।
रेट्रोफिटिंग में कैसरबाग व उससे लगा इलाका शामिल किया गया है।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत इस इलाके को इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं के लिहाज से शहर का सबसे बेहतर इलाका बनाया जाएगा।
इस इलाके में बिजली, पानी, सड़क, सीवर, टेलीफोन, इंटरनेट और ट्रैफिक समेत अन्य सुविधाओं को दुरुस्त किया जाएगा।
इनमें 24 घंटे बिजली-पानी की सुविधा दी जाएगी, हर घर में पानी का कनेक्शन होगा, मीटर भी लगाए जाएंगे। पूरे इलाके में सीवर सिस्टम और हर घर तक सीवर लाइन का कनेक्शन पहुंचाया जाएगा।
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बिजली और टेलीफोन के तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। ऐतिहासिक इमारतों को संरिक्षत करने के साथ ही अतिक्रमण हटाया जाएगा।
सड़क और चौराहों को बेहतर बनाने के साथ ही ट्रैफिक सिस्टम को दुरुस्त किया जाएगा। दुकानों व बाजारों को व्यवस्थित किया जाएगा। कुल मिलाकर एरिया बेस्ड डवलपमेंट के तहत चुने गए इलाकाें को मॅाडल के तौर पर विकसित किया जाएगा।
दी जाएगी 24 घंटे बिजली पानी की सुविधा
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स्मार्ट सिटी में एरिया बेस्ड डवलपमेंट के लिए 813 एकड़ का क्षेत्र शमिल किया गया है। इसमें कैसरबाग, हुसैनगंज के बायी ओर का क्षेत्र, शिवाजी मार्ग, लाटूश रोड, बर्लिंग्टन चौराहे से बायीं ओर कैंट रोड, बीएन रोड, लालबाग, नावेल्टी, भोपाल हाउस, हलवासिया, परिवर्तन चौक, हाईकोर्ट, जिलाधिकारी कार्यालय, राजस्व परिषद, रेजीडेंसी चौराह और उससे बाएं रिवर बैंक कॉलोनी व उसके पास का इलाका शामिल है।
नगर निगम सदन भी एसपीवी को रेट्रोफिटिंग एरिया में ‘स्मार्ट सिटी सेस’ लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुका है। इसके अलावा रेट्रोफिटिंग एरिया में लगने वाले विज्ञापन पटों का शुल्क वसूली और कैसरबाग चौराहे के पास मछली व सब्जी मंडी मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के लिए एसपीवी को जमीन उपलब्ध कराना और राजस्व में हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
स्मार्ट सिटी योजना का काम शुरू करने को लेकर 30 अगस्त को कंपनी की पहली बोर्ड मीटिंग एसपीवी के मुखिया मंडलायुक्त की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में होगी। स्मार्ट सिटी योजना के प्रभारी और अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि पहली बैठक में विकास कार्र्यों को लेकर प्रस्ताव नहीं आएंगे।
पहली बैठक है, इसलिए इसमें इस पर मंथन होगा कि कौन-कौन अधिकारी क्या-क्या जिम्मेदारी देखेंगे। एसपीवी किस तरह से कार्य करेगी और क्या-क्या अधिकार होंगे। कुल मिलाकर लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संचालन और कामकाज को लेकर योजना नीति तय होगी।
पहले रेट्रोफिटिंग क्षेत्र में काम शुरू होना है। काम होने के बाद ही सेस लिया जाएगा। सेस का प्रावधान स्मार्ट सिटी योजना में ही है। अलग से कोई प्रावधान नहीं किया है। पहली बोर्ड बैठक की तारीख तय हो गई है। बैठक की होने के बाद उसकी कार्यवाही केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद ही वहां से योजना का बजट जारी किया जाएगा। - पीके श्रीवास्तव, प्रभारी, स्मार्ट सिटी योजना व अपर नगर आयुक्त
नगर निगम सदन भी एसपीवी को रेट्रोफिटिंग एरिया में ‘स्मार्ट सिटी सेस’ लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुका है। इसके अलावा रेट्रोफिटिंग एरिया में लगने वाले विज्ञापन पटों का शुल्क वसूली और कैसरबाग चौराहे के पास मछली व सब्जी मंडी मार्केट में मल्टीलेवल पार्किंग निर्माण के लिए एसपीवी को जमीन उपलब्ध कराना और राजस्व में हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है।
स्मार्ट सिटी योजना का काम शुरू करने को लेकर 30 अगस्त को कंपनी की पहली बोर्ड मीटिंग एसपीवी के मुखिया मंडलायुक्त की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में होगी। स्मार्ट सिटी योजना के प्रभारी और अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव का कहना है कि पहली बैठक में विकास कार्र्यों को लेकर प्रस्ताव नहीं आएंगे।
पहली बैठक है, इसलिए इसमें इस पर मंथन होगा कि कौन-कौन अधिकारी क्या-क्या जिम्मेदारी देखेंगे। एसपीवी किस तरह से कार्य करेगी और क्या-क्या अधिकार होंगे। कुल मिलाकर लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड के संचालन और कामकाज को लेकर योजना नीति तय होगी।
पहले रेट्रोफिटिंग क्षेत्र में काम शुरू होना है। काम होने के बाद ही सेस लिया जाएगा। सेस का प्रावधान स्मार्ट सिटी योजना में ही है। अलग से कोई प्रावधान नहीं किया है। पहली बोर्ड बैठक की तारीख तय हो गई है। बैठक की होने के बाद उसकी कार्यवाही केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। इसके बाद ही वहां से योजना का बजट जारी किया जाएगा। - पीके श्रीवास्तव, प्रभारी, स्मार्ट सिटी योजना व अपर नगर आयुक्त