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Lucknow News: 800 मीटर लंबी कतार में फंसे लोग, सीएनजी संकट से अयोध्या बेहाल
Tue, 28 Apr 2026 07:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 28 Apr 2026 07:57 PM IST
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रानोपाली स्थित सीएनजी पंप पर गैस भरवाने के लिया घंटों से लाइनों लगे लोग।
अयोध्या। जिले में सीएनजी संकट लगातार गहराता जा रहा है और हालात ऐसे हो गए हैं कि लोगों को लंबी कतारों में घंटों खड़े रहना पड़ रहा है। मंगलवार को रानोपाली स्थित सीएनजी पंप पर स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर देखने को मिली, जहां पंप से टेढ़ी बाजार चौराहा तक करीब 800 मीटर लंबी लाइन लग गई। लोग चार से पांच घंटे तक इंतजार करते रहे, तब जाकर कहीं गैस मिल पाई। कई लोगों को तो बिना गैस लिए ही लौटना पड़ा।
इस संकट की मुख्य वजह सप्लाई व्यवस्था में बदलाव है। पहले जहां 24 घंटे सीएनजी की आपूर्ति होती थी, अब दोपहर तीन बजे के बाद सप्लाई बंद कर दी जा रही है। इसका सीधा असर पाइप लाइन के दबाव पर पड़ा है, जो पहले 32 के प्रेशर तक रहता था, अब घटकर करीब 10 के प्रेशर से हो रहा है। दबाव कम होने से वाहनों में गैस भरने की प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है।
उदया चौराहा स्थित पंप पर भी हालात खराब हैं। यहां शाम पांच बजे तक सीएनजी पूरी तरह खत्म हो गई और पंप पर रात नौ बजे के बाद सप्लाई मिलने का नोटिस लगा दिया गया। लोग घंटों लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। टैक्सी चालक प्रमोद मिश्रा ने बताया कि वह पांच घंटे से लाइन में खड़े हैं और पिछले कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे उन्हें रोजाना हजार रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।
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उदया चौराहा सीएनजी पंप संचालक विपुल पांडेय ने बताया कि पहले जहां छह से सात गाड़ियां रोजाना गैस लेकर आती थीं, अब उनकी संख्या घटकर तीन से चार रह गई है। वहीं, जो टैंकर पहले आधे घंटे में भर जाते थे, अब उन्हें भरने में करीब दो घंटे लग रहे हैं। इससे आपूर्ति की गति और भी धीमी हो गई है। रानोपाली पंप संचालक अमन ने बताया कि पांच से छह गाड़ी आ रही है। उसे भी आने में समय लग रहा है। इस वजह से देरी हो रही है।
मौजूदा स्थिति में जिले में रोजाना करीब 21 हजार किलो सीएनजी की मांग है, जबकि आपूर्ति केवल 14 से 15 हजार किलो तक ही सीमित है। मांग और आपूर्ति के बीच यह बड़ा अंतर ही संकट का मुख्य कारण बन गया है। लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटक रहे हैं। टैक्सी चालकों और आम उपभोक्ताओं की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनकी आमदनी पर भी असर पड़ रहा है। यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो यह संकट और गंभीर हो सकता है।
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इस संकट की मुख्य वजह सप्लाई व्यवस्था में बदलाव है। पहले जहां 24 घंटे सीएनजी की आपूर्ति होती थी, अब दोपहर तीन बजे के बाद सप्लाई बंद कर दी जा रही है। इसका सीधा असर पाइप लाइन के दबाव पर पड़ा है, जो पहले 32 के प्रेशर तक रहता था, अब घटकर करीब 10 के प्रेशर से हो रहा है। दबाव कम होने से वाहनों में गैस भरने की प्रक्रिया बेहद धीमी हो गई है।
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उदया चौराहा स्थित पंप पर भी हालात खराब हैं। यहां शाम पांच बजे तक सीएनजी पूरी तरह खत्म हो गई और पंप पर रात नौ बजे के बाद सप्लाई मिलने का नोटिस लगा दिया गया। लोग घंटों लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। टैक्सी चालक प्रमोद मिश्रा ने बताया कि वह पांच घंटे से लाइन में खड़े हैं और पिछले कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे उन्हें रोजाना हजार रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।
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उदया चौराहा सीएनजी पंप संचालक विपुल पांडेय ने बताया कि पहले जहां छह से सात गाड़ियां रोजाना गैस लेकर आती थीं, अब उनकी संख्या घटकर तीन से चार रह गई है। वहीं, जो टैंकर पहले आधे घंटे में भर जाते थे, अब उन्हें भरने में करीब दो घंटे लग रहे हैं। इससे आपूर्ति की गति और भी धीमी हो गई है। रानोपाली पंप संचालक अमन ने बताया कि पांच से छह गाड़ी आ रही है। उसे भी आने में समय लग रहा है। इस वजह से देरी हो रही है।
मौजूदा स्थिति में जिले में रोजाना करीब 21 हजार किलो सीएनजी की मांग है, जबकि आपूर्ति केवल 14 से 15 हजार किलो तक ही सीमित है। मांग और आपूर्ति के बीच यह बड़ा अंतर ही संकट का मुख्य कारण बन गया है। लोग एक पंप से दूसरे पंप तक भटक रहे हैं। टैक्सी चालकों और आम उपभोक्ताओं की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है और उनकी आमदनी पर भी असर पड़ रहा है। यदि जल्द ही आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो यह संकट और गंभीर हो सकता है।