फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   People of Gonda showed black flags to Pt Nehru.

Flash back: गोंडा में पंडित नेहरू को दिखाए गए काले झंडे, पढ़ें - एक रोचक वाक्या

Mon, 01 Apr 2024 06:59 PM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Published by: ishwar ashish Updated Mon, 01 Apr 2024 06:59 PM IST
सार

1962 में गोंडा में कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। पंडित नेहरू कांग्रेस प्रत्याशी के प्रचार के लिए आए तो जनता ने उन्हें काले झंडे दिखाए।

विज्ञापन
People of Gonda showed black flags to Pt Nehru.
पं. जवाहर लाल नेहरू। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

महात्मा गांधी व पं. जवाहर लाल नेहरू का गोंडा से गहरा नाता रहा है। गांधी जी यहां कई बार आए और बड़ी-बड़ी सभाएं कर लोगों में आजादी के प्रति जोश भरा। पं. जवाहर लाल नेहरू का भी खूब सत्कार हुआ, लेकिन साल 1962 में नेहरू जब मनकापुर में कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार करने आए तो उन्हें काले झंडे दिखाकर जनता ने वापस किया। इन झंडों की काली छाया चुनाव परिणाम पर भी दिखी। तमाम प्रयास के बाद भी कांग्रेस को हार मिली।

विज्ञापन


साल 1955 में तरबगंज विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में चहेते बलदेव सिंह को टिकट न मिलने पर कांग्रेस के तत्कालीन जिलाध्यक्ष व मनकापुर विधायक राजा राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बगावत कर दी। पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ बलदेव सिंह को निर्दल चुनाव लड़ाकर जिता लिया तो कांग्रेस नेतृत्व ने उनके साथ ही करीब 50 नेताओं को बाहर का रास्ता दिखाते हुए जिला कमेटी को ही भंग कर दिया। इसके बाद राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने स्वतंत्र पार्टी का दामन थाम लिया। 
विज्ञापन


राजा की बढ़ती ताकत से कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व परेशान था कि इसी बीच 1962 में आम चुनाव की घोषणा हो गई। इस चुनाव में गोंडा लोकसभा सीट से कांग्रेस ने रामरतन गुप्ता और स्वतंत्र पार्टी ने पं. नारायण दांडेकर को उम्मीदवार बनाया तो मनकापुर विधानसभा क्षेत्र से स्वतंत्र पार्टी के प्रत्याशी बनकर राजा स्वयं चुनाव मैदान में आ डटे। कांग्रेस ने भी दिग्गज बृजनंदन ब्रह्मचारी को मैदान में उतारा।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी उम्मीदवार को कमजोर पड़ते देख प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू स्वयं मनकापुर प्रचार के लिए आए। तब स्थानीय लोगों ने कांग्रेस विरोधी नारे लगाते हुए काले झंडे दिखाकर उन्हें वापस जाने पर मजबूर कर दिया। इससे नाराज पं. नेहरू ने प्रशासनिक अफसरों को फटकार लगाई। उनके निर्देश पर हर मतदान केंद्र, नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थानों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। मनकापुर विधानसभा क्षेत्र में भय के माहौल में जनता ने मतदान के माध्यम से करारा जवाब दिया। कांग्रेस के बृजनंदन ब्रह्मचारी को हराकर राजा राघवेंद्र प्रताप सिंह विजयी बने। मनकापुर में भी हार मिली। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed