कोरोना के डर से अपनों ने छोड़ा साथ, टूटी सांसें, फोन करने पर भी नहीं आए रिश्तेदार
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कोरोना से इस कदर दहशत फैली हुई है कि अपने भी साथ छोड़ दे रहे हैं। मदद करना तो दूर पास भी आने से कतराने लगे हैं। ठीक ऐसा ही एक वाकया डालीगंज में देखने को मिला।
डालीगंज निवासी मरीज जफर अहमद पुत्र हबीब अहमद को उनके घरवाले ही कोरोना के डर से अस्पताल ले जाने को राजी नहीं हुए। तब किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंचे दो कांस्टेबल ने मरीज के मामा को फोन किया। तो उसके मामा ने भी असमर्थता जताते हुए उसे भर्ती कराने से इन्कार कर दिया।
यहां तक कि मरीज के भाई का नंबर लेकर उसे फोन किया गया लेकिन उसने भी साथ जाने से इन्कार कर दिया। जब कोई तैयार नहीं हुआ तो मजबूरन पुलिस खुद मरीज को लेकर अस्पताल चल पड़ी। हालांकि सिविल अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज की मौत हो गई।
गाजीपुर थाना क्षेत्र के कांस्टेबल रवींद्र द्विवेदी ने बताया कि जफर अहमद पुत्र हबीब अहमद को परिवारजनों के इन्कार के बाद वो खुद अस्पताल ले गए। मृतक के सगे भाई वसीम ने अस्पताल जाने से मना कर दिया।
कांस्टेबल व डॉक्टर समेत कई आ सकते हैं संक्रमण की चपेट में
सिविल अस्पताल के डॉ. अनिल का कहना है कि मरीज यहां मृत अवस्था में पहुंचा था। शव को मर्च्युरी में रखवा दिया गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि मरीज का नमूना भी कोरोना जांच के लिए नहीं भेजा गया।
अगर मृतक पॉजिटिव हुआ तो संपर्क में आए कांस्टेबल व डॉक्टर समेत कई लोग संक्रमण के चपेट में आ सकते हैं।