सड़क के गड्ढों का किया सम्मान, सबसे बड़े गड्ढे को दिया ‘गड्ढा शिरोमणि’ अवार्ड
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बडे़-बड़े गड्ढों से परेशान जानकीपुरम विस्तार के लोगों ने मंगलवार को गड्ढा सम्मान समारोह आयोजित किया। इस मौके अर्जुन पार्क के सामने वाले गड्ढे को ‘गड्ढा शिरोमणि’ अवार्ड से नवाजा गया। वहीं भवानी बाजार वाले गड्ढे को ‘गड्ढा भूषण’ सम्मान मिला।
अन्य गड्ढों को गड्ढा रत्न, गड्ढा श्री व गड्ढा विभूषण से सम्मानित किया गया। सम्मान स्वरूप गड्ढों का फूल-माला से श्रृंगार किया गया। राहगीरों व स्थानीय लोगों ने भी फूलमाला से गड्ढों के प्रति सम्मान जताया।
मुख्य आयोजक हास्य कवि पंकज प्रसून और सीडीआरआई के सेवानिवृत्त वैज्ञानिक पीके श्रीवास्तव ने बताया कि यदि हालात नहीं सुधरे तो हम पूरे शहर में सम्मान समारोह का आयोजन करेंगे।
कहा- इन गड्ढों से बढ़ी भगवान पर आस्था
इस अवसर पर हाथों में पोस्टर लेकर गड्ढों की खूबियां बयां करते हुए यहां से गुजरने वालों का स्वागत फूलों के हार से किया। इस मौके सीडीआरआई के पूर्व उपनिदेशक प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि गड्ढों से लोगों की भगवान पर आस्था बढ़ी है।
साथ ही गड्ढे शहर का गिरता जल स्तर बढ़ाने का काम भी कर रहे हैं। जानकीपुरम विस्तार के लोगों का आरोप है कि नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और एलडीए ने लोगों को फुटबाल बना रखा है।
अफसर अपनी लापरवाही पर परदा डाल रहे हैं।
जिस गड्ढे से जितना ज्यादा हादसा, उतना बड़ा सम्मान
पंकज प्रसून ने कहा कि जिस गड्ढे के आगे लोग ज्यादा नतमस्तक हुए (गिरे) जितने ई-रिक्शों ने साष्टांग दंडवत (पूरी तरह से गिर जाना) की है, उसका उतना ही बड़ा महत्व बताते हुए उसे शिरोमणि की उपाधि दी गई है।
सुबह मिट्टी से पाटे गए थे गड्ढे
पंकज प्रसून ने बताया कि जिन गड्ढों की फोटो अखबार में प्रकाशित हुई थी, उन्हें संबंधित विभाग की टीम आकर मिट्टी से पाट गई थी, जो शाम को फिर से पानी गिरने से खाली हो गए। विभाग की लापरवाही का एक और नमूना है यह।