झुंड में खड़े लोगों को टोकना दरोगा को पड़ा भारी, जमकर बरसाए ईंट-पत्थर, फाड़ दी वर्दी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ के निगोहां के समस्तीपुर गांव में हाईवे किनारे लॉकडाउन का उल्लंघन कर रहे दर्जनभर से अधिक युवकों को टोकना दरोगा को महंगा पड़ गया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक समस्तीपुर पहुंचे लेकिन खिसियाए युवकों ने ईंट-पत्थरों व लाठी-डंडों से पुलिस पर हमला बोल दिया।
यही नहीं, दरोगा की वर्दी फाड़ दी। दरोगा की बाइक तोड़ दी। हमले में दरोगा और दो सिपाही चोटिल हो गए। दरोगा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
देर शाम इंस्पेक्टर के लाइन हाजिर होने की सूचना सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी, हालांकि देर रात तक एसपी ग्रामीण कार्यालय से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
थाने के उपनिरीक्षक प्रेमशंकर पांडेय के मुताबिक, देर शाम उनकी ड्यूटी मदापुर चौराहे पर लगी थी। ड्यूटी जाते समय देखा कि समस्तीपुर में युवक भीड़ लगाए खड़े थे। दरोगा ने झुंड में खड़े होने का कारण पूछा तो युवक आगबबूला हो गए।
15 के खिलाफ मुकदमा दर्ज
दरोगा ने प्रभारी निरीक्षक को मामले की सूचना दी। सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक चिरंजीव मोहन फोर्स के साथ समस्तीपुर पहुंचे। इस पर दबंगों ने पुलिस पर ईंट-पत्थरों और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया।
इससे डरकर प्रभारी निरीक्षक जान बचाकर भागने लगे, लेकिन इसमें दो सिपाही अरुण कुमार व गौतम जख्मी हो गए। इस बीच दरोगा भीड़ में फंस गया। युवकों ने दरोगा की वर्दी फाड़ दी।
किसी तरह जान बचाकर भागे दरोगा ने जीप के खुले दरवाजे को पकड़ा और अंदर बैठकर खुद को सुरक्षित किया लेकिन उसकी बाइक वहीं छूट गई। दोनों सिपाहियों का इलाज सीएचसी में कराया गया।
आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं, इंस्पेक्टर ने आला अफसरों को मामले की सूचना नहीं दी। अफसरों के आदेश पर पुलिस ने समस्तीपुर के खजान सिंह, बबलू, जीतू यादव सहित 15 अज्ञात के विरुद्ध बलवा, मारपीट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।