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Lucknow News: कसमंडी कलां में शांति, मंदिर-मस्जिद विवाद से दूर हैं ग्रामीण
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कसमंडी कलां का विवादित ढांचा और रास्ते में की गई बैरिकेडिंग।
लखनऊ। मलिहाबाद के कसमंडी कलां में शांति है। यहां के लोग न मस्जिद और मंदिर के प्रमाण की तलाश कर रहे हैं, न ही किसी तरह का विरोध। हालांकि, विवादित ढांचे के आसपास सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कसमंडी कलां के आसपास करीब 200 घर हैं। यहां के लोग लंबे समय से विवादित ढांचे को मकबरा और मस्जिद के रूप में ही देखते आए हैं, लेकिन बीते दिनों लाखन आर्मी और सुहेलदेव आर्मी के लोग इसे महाराजा कंसा पासी का किला और मंदिर होने का दावा करने लगे। इससे विरोध का स्तर इतना बढ़ गया कि ढांचे के आसपास पुलिस बल लगाना पड़ा। बैरिकेडिंग कर आवाजाही भी रोकनी पड़ी।
उधर, तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुरातत्व विभाग ने टीम भेजकर सर्वेक्षण कराया। सर्वे में भी मस्जिद व कब्र होने की पुष्टि हुई। शनिवार को किसी भी संगठन ने इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं किया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि कसमंडी कलां स्थित टीले के पास से ड्रोन हटा लिया गया है, लेकिन पुलिस बल अभी तैनात रहेगा।
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जब तक विवाद...नहीं होगी पूजा व नमाज
कसमंडी कलां क्षेत्र में मुस्लिम और हिंदू समुदाय के लोग साथ-साथ रहते हैं। इन दोनों के बीच कभी कोई संघर्ष नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ संगठनों की ओर से मंदिर और मस्जिद रूप देकर आपसी लड़ाई कराने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन हम लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर एक-दूसरे को आश्वासन दिया कि जब तक विवाद खत्म नहीं होता, न ही नमाज पढ़ी जाएगी और न ही स्थल के पास पूजा होगी।
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कसमंडी कलां के आसपास करीब 200 घर हैं। यहां के लोग लंबे समय से विवादित ढांचे को मकबरा और मस्जिद के रूप में ही देखते आए हैं, लेकिन बीते दिनों लाखन आर्मी और सुहेलदेव आर्मी के लोग इसे महाराजा कंसा पासी का किला और मंदिर होने का दावा करने लगे। इससे विरोध का स्तर इतना बढ़ गया कि ढांचे के आसपास पुलिस बल लगाना पड़ा। बैरिकेडिंग कर आवाजाही भी रोकनी पड़ी।
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उधर, तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए पुरातत्व विभाग ने टीम भेजकर सर्वेक्षण कराया। सर्वे में भी मस्जिद व कब्र होने की पुष्टि हुई। शनिवार को किसी भी संगठन ने इस पर कोई विरोध दर्ज नहीं किया। इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि कसमंडी कलां स्थित टीले के पास से ड्रोन हटा लिया गया है, लेकिन पुलिस बल अभी तैनात रहेगा।
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जब तक विवाद...नहीं होगी पूजा व नमाज
कसमंडी कलां क्षेत्र में मुस्लिम और हिंदू समुदाय के लोग साथ-साथ रहते हैं। इन दोनों के बीच कभी कोई संघर्ष नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक, कुछ संगठनों की ओर से मंदिर और मस्जिद रूप देकर आपसी लड़ाई कराने की तैयारी की जा रही थी, लेकिन हम लोगों ने प्रशासन के साथ मिलकर एक-दूसरे को आश्वासन दिया कि जब तक विवाद खत्म नहीं होता, न ही नमाज पढ़ी जाएगी और न ही स्थल के पास पूजा होगी।

कसमंडी कलां का विवादित ढांचा और रास्ते में की गई बैरिकेडिंग।