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यूपी : अवैध निर्माणों को वैध कराने का रास्ता साफ, पुरानी शमन नीति बहाल
Tue, 23 Feb 2021 10:11 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 23 Feb 2021 10:11 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में अवैध निर्माणों को वैध कराने को लेकर परेशान लोगों को सरकार ने बड़ी राहत देते हुए 11 साल पुरानी शमन नीति को बहाल कर दिया है। अब पुरानी शमन नीति के मुताबिक ही अवैध निर्माण को वैध कराये जा सकेंगे। सरकार के इस फैसले से सबसे बड़ी राहत उन लोगों को मिलेगी, जो छोटे-मोटे अवैध निर्माण को नियमित कराने के लिए पिछले छह महीने से परेशान थे। प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने मंगलवार को पुरानी शमन नीति को बहाल करने के संबंध में सोमवार को आदेश जारी कर दिया है।
बता दें कि आवास विभाग ने पिछले साल जुलाई में सभी तरह के अवैध निर्माणों को नियमित कराने के लिए नई शमन नीति को छह महीने के लिए लागू किया था। लेकिन कुछ लोग इसके विरोध में हाईकोर्ट चले गए थे। इस आधार पर नई शमन नीति के तहत अवैध निर्माणों को वैध करने के क्रियान्वयन पर रोक लगा दिया था। अब चूंकि नई शमन नीति की छह महीने की समय सीमा 20 जनवरी को ही समाप्त हो चुका है। इसलिए अब पुरानी शमन नीति को बहाल करने का फैसला किया है।
हाईकोर्ट ने नई शमन नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी और इस नीति की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसलिए आवास विभाग ने नागिरकों की परेशानी को देखते हुए अपर महाधिवक्ता से परामर्श लिया है। जिसमें यह कहा गया है कि नई शमन नीति के प्रभावी होने की समय सीमा खत्म होने के बाद अब पुरानी शमन नीति के क्रियान्वयन में किसी तरह की वैधानिक अड़चन नहीं हैं। इस आधार पर ही प्रमुख सचिव आवास ने सभी विकास प्राधिकरणों को पुरानी शमन नीति के मुताबिक अवैध निर्माणों को वैध करने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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पुरानी के नीति के मुताबिक शमन करने का आदेश देने वाले अधिकारी द्वारा 30 दिन से अधिक समय सीमा नहीं दी जाएगी। इसके बाद विकास प्राधिकरण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा। सार्वजनिक, अर्द्ध-सार्वजनिक सुविधाओं, सेवाओं व उपयोगिताओं जैसे सड़क, रेलवे लाइन, पार्कए ग्रीन बेल्ट आदि मामलों में विचार नहीं किया जाएगा।
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बता दें कि आवास विभाग ने पिछले साल जुलाई में सभी तरह के अवैध निर्माणों को नियमित कराने के लिए नई शमन नीति को छह महीने के लिए लागू किया था। लेकिन कुछ लोग इसके विरोध में हाईकोर्ट चले गए थे। इस आधार पर नई शमन नीति के तहत अवैध निर्माणों को वैध करने के क्रियान्वयन पर रोक लगा दिया था। अब चूंकि नई शमन नीति की छह महीने की समय सीमा 20 जनवरी को ही समाप्त हो चुका है। इसलिए अब पुरानी शमन नीति को बहाल करने का फैसला किया है।
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हाईकोर्ट ने नई शमन नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगाई थी और इस नीति की अवधि समाप्त हो चुकी है। इसलिए आवास विभाग ने नागिरकों की परेशानी को देखते हुए अपर महाधिवक्ता से परामर्श लिया है। जिसमें यह कहा गया है कि नई शमन नीति के प्रभावी होने की समय सीमा खत्म होने के बाद अब पुरानी शमन नीति के क्रियान्वयन में किसी तरह की वैधानिक अड़चन नहीं हैं। इस आधार पर ही प्रमुख सचिव आवास ने सभी विकास प्राधिकरणों को पुरानी शमन नीति के मुताबिक अवैध निर्माणों को वैध करने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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पुरानी के नीति के मुताबिक शमन करने का आदेश देने वाले अधिकारी द्वारा 30 दिन से अधिक समय सीमा नहीं दी जाएगी। इसके बाद विकास प्राधिकरण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही करने के लिए स्वतंत्र होगा। सार्वजनिक, अर्द्ध-सार्वजनिक सुविधाओं, सेवाओं व उपयोगिताओं जैसे सड़क, रेलवे लाइन, पार्कए ग्रीन बेल्ट आदि मामलों में विचार नहीं किया जाएगा।