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केजीएमयू की नई ओपीडी में भटकते रहे मरीज
मनीष कुमार सिंह/लखनऊ
Updated Tue, 29 Oct 2013 02:03 AM IST
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किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में पहले दिन न्यू ओपीडी ब्लॉक ने मरीजों को खूब परेशान किया।
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मरीज जानकारी के अभाव में ओल्ड ओपीडी ब्लॉक से न्यू ओपीडी ब्लॉक के चक्कर लगाते रहे।
इससे कई मरीज बिना जांच कराए ही वापस लौट गए। वहीं, भीड़ की वजह से कइयों के पर्चे भी नहीं बन सके।
केजीएमयू की न्यू ओपीडी सोमवार से शुरू की गई। हालांकि कई विभाग अब भी ओल्ड ओपीडी ब्लॉक में चल रहे हैं।
रकाबगंज के मोहम्मद कादिर ने बताया कि उनके छह वर्षीय बेटे इरफान को कई दिनों से कान में समस्या है। पहले ओल्ड ओपीडी ब्लॉक गए तो वहां बताया गया कि न्यू ओपीडी ब्लॉक जाओ।
जब वहां गए तो पंजीकरण करने वाले कर्मचारी ने बताया कि ईएनटी की ओपीडी पुराने ओपीडी ब्लॉक में ही चल रही है।
इसके बाद पुरानी ओपीडी ब्लॉक में पहुंचे और पर्चा बनवाया, लेकिन नंबर आने से पहले डॉक्टर वार्ड में राउंड पर चले गए।
यही हाल आसमां खातून का भी रहा। वहीं, सीतापुर के बहुरी लाल (30) का कुछ दिन पहले ट्रॉमा सेंटर के सर्जरी विभाग में पेट का ऑपरेशन हुआ था।
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घरवाले उन्हें सर्जरी के विशेषज्ञ डॉक्टर को दिखाने के लिए ओपीडी पहुंचे तो कर्मचारियों ने ओल्ड बिल्डिंग भेज दिया। वहां गए तो फिर से न्यू ओपीडी ब्लॉक भेज दिया गया।
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कई घंटे चक्कर लगाने के बाद तीसरे तल पर चल रही सर्जरी ब्लॉक की ओपीडी में दिखा सके। न्यू ओपीडी के पहले तल पर बने सर्जरी ब्लॉक की तीन ओपीडी चली, जिसमें दोपहर दो बजे तक 600 से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय सलाह दी गई।
इसी तल पर बने बायोकेमेस्ट्री के दो काउंटर खोले गए थे। बाकी के चार काउंटर बंद थे। दूसरे तल पर बनी हेमेटोलॉजी, आंकोलॉजी और रेडियोथेरेपी ओपीडी को शुरू नहीं कराया जा सका है।
तीसरे तल पर सि्थत प्लास्टिक सर्जरी की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ी। इसी फ्लोर पर बने आर्थो की ओपीडी में ताला लटका रहा।
चौथे तल पर बनी यूरोलॉजी, स्किन और पीडियाट्रिक्स में सामान की शिफ्टिंग का काम चलने से ओपीडी को शुरू नहीं कराया जा सका।
न्यू ओपीडी ब्लॉक में मरीजों को असुविधा से बचाने के लिए सीएमएस डॉ. एसएन शंखवार और प्रॉक्टर प्रो. अब्बास मेहंदी खुद प्रवेश द्वार पर उपस्थित रहे, लेकिन मरीजों को असुविधा का सामना करना पड़ा।