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बेड खाली होने पर लेवल-3 अस्पताल में शिफ्ट होंगे मरीज
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बेड खाली होने पर लेवल-3 में शिफ्ट होंगे मरीज।
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी में अति गंभीर मरीजों को लेवल-2 से हटाकर लेवल-3 ग्रेड अस्पताल में शिफ्ट कराया जाएगा। इसे लेकर सरकारी संस्थानों और अस्पतालों में सहमति बन रही है।
लेवल-3 में भर्ती मरीजों की सेहत में सुधार होने पर उन्हें लेवल-2 ग्रेड में शिफ्ट कराया जाएगा। अफसरों का कहना है कि नई रणनीति के तहत कोविड मरीजों की जान बचाने की कोशिश होगी।
मालूम हो कि हफ्तेभर में लेवल-2 ग्रेड में भर्ती कई गंभीर मरीजों की जान चली गई। लेवल-3 ग्रेड में बेड खाली न होने से उन्हें भर्ती नहीं कराया जा सका था।
अब अति गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए लेवल-2 व लेवल-3 ग्रेड के अस्पताल आपसी सहमति बना रहे हैं।
इसमें लेवल-3 में भर्ती मरीजों की हालत में सुधार होने पर लेवल-2 ग्रेड अस्पताल में शिफ्ट कराया जाएगा। जबकि लेवल-2 ग्रेड में भर्ती मरीजों को जरूरत होने पर लेवल-3 में शिफ्ट कराया जाएगा।
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इससे दोनों अस्पताल में मरीजों का बोझ कम होगा और बेहतर इलाज मिल सकेगा। सीएमओ डॉ. संजय के मुताबिक, इसे लेकर सरकारी संस्थानों और अस्पतालों के बीच बात हो रही है।
बेड बढ़े, पर राहत नहीं
सरकारी संस्थानों में भले ही बेड बढ़ा दिए गया हों, पर वहां अभी तक मरीजों को शिफ्ट नहीं कराया जा सका है। लोकबंधु अस्पताल में अभी भी लेवल-3 ग्रेड के चार मरीज भर्ती हैं। इसमें से कई मरीजों को डायलिसिस की जरूरत है, लेकिन वहां सुविधा न होने से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। अस्पताल लगातार स्वास्थ्य विभाग को रिमाइंडर भेज रहा है, पर सुनवाई नहीं हो रही है।
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लेवल-3 में भर्ती मरीजों की सेहत में सुधार होने पर उन्हें लेवल-2 ग्रेड में शिफ्ट कराया जाएगा। अफसरों का कहना है कि नई रणनीति के तहत कोविड मरीजों की जान बचाने की कोशिश होगी।
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मालूम हो कि हफ्तेभर में लेवल-2 ग्रेड में भर्ती कई गंभीर मरीजों की जान चली गई। लेवल-3 ग्रेड में बेड खाली न होने से उन्हें भर्ती नहीं कराया जा सका था।
अब अति गंभीर मरीजों की जान बचाने के लिए लेवल-2 व लेवल-3 ग्रेड के अस्पताल आपसी सहमति बना रहे हैं।
इसमें लेवल-3 में भर्ती मरीजों की हालत में सुधार होने पर लेवल-2 ग्रेड अस्पताल में शिफ्ट कराया जाएगा। जबकि लेवल-2 ग्रेड में भर्ती मरीजों को जरूरत होने पर लेवल-3 में शिफ्ट कराया जाएगा।
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इससे दोनों अस्पताल में मरीजों का बोझ कम होगा और बेहतर इलाज मिल सकेगा। सीएमओ डॉ. संजय के मुताबिक, इसे लेकर सरकारी संस्थानों और अस्पतालों के बीच बात हो रही है।
बेड बढ़े, पर राहत नहीं
सरकारी संस्थानों में भले ही बेड बढ़ा दिए गया हों, पर वहां अभी तक मरीजों को शिफ्ट नहीं कराया जा सका है। लोकबंधु अस्पताल में अभी भी लेवल-3 ग्रेड के चार मरीज भर्ती हैं। इसमें से कई मरीजों को डायलिसिस की जरूरत है, लेकिन वहां सुविधा न होने से उनकी सेहत लगातार बिगड़ रही है। अस्पताल लगातार स्वास्थ्य विभाग को रिमाइंडर भेज रहा है, पर सुनवाई नहीं हो रही है।