डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही पढ़कर आपको आ जाएगा गुस्सा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
न्यू सहारा हॉस्पिटल में शुक्रवार को एक प्रसूता की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। प्रसूता ने सात जून को दो बच्चों को जन्म दिया था।
एक बच्चे की भी मौत चार दिन पहले हो गई थी। पुलिस ने पहुंच कर मामले को शांत कराकर दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
मलिहाबाद के महमूदनगर गांव निवासी मो. शुऐब खां ने गर्भवती पत्नी नाहिदा (30) को छह जून को अंधे की चौकी पर स्थित न्यू सहारा हास्पिटल में भर्ती कराया था। नाहिदा ने सात जून को दो बच्चों को जन्म दिया।
बच्ची की मौत से प्रसूता थी डिप्रेशन में
पति मो. शुऐब खां ने बताया कि जन्म के दूसरे दिन नौ जून को बच्ची की मौत हो गई जबकि दूसरा बच्चा स्वस्थ था। बच्ची की मौत के बाद से प्रसूता डिप्रेशन में थी। गुरुवार को उसकी तबीयत बिगड़ गई।
अस्पताल में डाक्टरों ने सिर्फ ग्लूकोज की बोतल लगा दिया और कहा शरीर में पानी की कमी हो गई है। ठीक हो जाएगी। शुऐब खां के कहने पर भी डाक्टरों ने उसे रेफर नहीं किया।
शुक्रवार सुबह जब उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो अस्पताल के डारेक्टर डॉ. जेडी अंसारी ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया। परिवारीजन ट्रॉमा सेंटर ले जाने के लिए अस्पताल से निकाल ही रहे थे कि नाहिदा की मौत हो गई।