अस्पताल में मरीज की मौत पर घरवालों का हंगामा
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बलरामपुर अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद उसके परिवार वालों ने
उनका कहना था कि डॉक्टरों और नर्स ने मरीज का इलाज करने में लापरवाही की जिससे उसकी मौत हो गई। मरीज के परिवार वाले डॉक्टरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
लगभग तीन घंटे तक हंगामे के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम की बात कही लेकिन इस पर वह राजी नहीं हुए।
आलमबाग
के साकेतपुरी निवासी आलोक त्रिपाठी (39) को पेट में दर्द के बाद रविवार को
बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दो दिन बीत जाने पर भी उन्हें
राहत नहीं मिली।
परिवार वालों ने उनका इलाज कर रहे डॉ.आरएन मिश्रा को इसकी
जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने मरीज की एमआरआई भी करा दी। जिसमें मरीज के
लगभग सात हजार रुपए भी खर्च हो गए लेकिन डॉक्टर ने रिपोर्ट देखने जहमत नहीं
उठाई।
मंगलवार को आलोक की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और वह दर्द से तड़पने
लगा। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना वार्ड में मौजूद नर्स और प्रभारी डॉक्टर
एचजी सिंह को दी लेकिन वह नहीं आए।
शाम करीब छह बजे मरीज ने दम तोड़ दिया।
मरीज की मौत के बाद आठ से दस की संख्या में पहुंचे परिजनों ने डॉक्टरों पर
हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग शुरू कर दी। परिजन सर्वेश
शुक्ला ने बताया कि पेट दर्द के साथ ही आलोक को सांस लेने में दिक्कत हो
रही थी।
कई बार मिन्नतें करने पर भी उसे ऑक्सीजन नहीं लगाई गई और न ही कोई
नर्स या डॉक्टर उन्हें देखने आया। बाद में आलोक की मौत हो गई।
उधर हंगामे
के बाद सीएमएस डॉ. यूएन राय भी मौके पर पहुंचे और मौत की हकीकत जानने के
लिए पोस्टमार्टम कराने की बात कही। जिस पर परिवार वाले राजी नहीं हुए और
रात में साढ़े नौ बजे शव लेकर चले गए।