लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने बीसीए (बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता में बदलाव किया है जिससे बायोलॉजी के विद्यार्थियों के लिए भी आईटी का रास्ता खुल जाएगा। विवि प्रशासन की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, अब 12वीं में विज्ञान वर्ग (साइंस स्ट्रीम) से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं, चाहे उनके पास गणित हो या न हो, बीसीए कार्यक्रमों में आवेदन कर सकेंगे। इससे जीवविज्ञान पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए भी कंप्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में प्रवेश के नए अवसर खुलेंगे।
अब तक बीसीए को गणित के विद्यार्थियों का ही पाठ्यक्रम माना जाता था, लेकिन लखनऊ विवि ने पात्रता नियमों में अब ऐसा प्रावधान किया है। प्रवेश कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि बीसीए कार्यक्रमों में आवेदन के लिए अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट (10+2) या समकक्ष परीक्षा विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अलावा जिन छात्रों ने कंप्यूटर, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), कंप्यूटर एप्लीकेशन, इंफॉर्मेशन प्रैक्टिसेज, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी एंड मेंटेनेंस, आईटीईएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) या रोबोटिक्स जैसे विषयों में से कोई एक विषय पढ़ा है, वे भी पात्र होंगे। विवि ने सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक तथा एससी-एसटी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक निर्धारित किए हैं। यह प्रतिशत सभी विषयों के कुल अंकों के आधार पर माना जाएगा। लविवि के प्रवेश समन्वयक प्रो. अनित्य गौरव ने बताया कि इस निर्णय से विशेष रूप से उन छात्रों को लाभ मिलेगा जिन्होंने 12वीं में बायोलॉजी के साथ विज्ञान वर्ग की पढ़ाई की है और अब कंप्यूटर एवं आईटी क्षेत्र में कॅरिअर बनाना चाहते हैं। लविवि का बीसीए पाठ्यक्रम तीन वर्ष का है जिसमें छह सेमेस्टर हैं।