Lucknow: रोजगार निगम की राह मुश्किल, सेवायोजन पोर्टल होगा आधुनिक, कौशल विकास निगम बनाने के लिए मंथन
हरियाणा की तर्ज पर कौशल रोजगार निगम बनाने पर भी मंथन चल रहा है। हालांकि समिति के सदस्यों का कहना है कि यूपी में निगम बनाना आसान नहीं है।
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आउटसोर्सिंग पर भर्ती होने वाले युवाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए हरियाणा की तर्ज पर कौशल रोजगार निगम बनाने पर भी मंथन चल रहा है। हालांकि समिति के सदस्यों का कहना है कि यूपी में निगम बनाना आसान नहीं है। यहां जैम पोर्टल के जरिए वेंडरों से आउटसोर्सिंग पर नौकरियां दी जा रही हैं। इसके लिए सेवायोजन पोर्टल को इतना सशक्त बनाने की आवश्यकता है कि इन भर्तियों का पूरा ब्योरा उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इसका प्रजेंटेशन भी हो चुका है।
2017 से अब तक यूपी में ढाई लाख से ज्यादा कर्मचारी जैम पोर्टल के जरिए रखे गए हैं। निकायों में भी एक लाख से ज्यादा संविदा कर्मी हैं। इतने ज्यादा कर्मियों की जिम्मेदारी, कानूनी समस्याएं और उनका श्रमिक भविष्य के लिए परेशानी का सबब न बन जाए, इसके लिए भी समिति विचार कर रही है।
वर्तमान व्यवस्था में ही सुधार
समिति के मुताबिक, वर्तमान में वेंडरों के जरिए हो रही भर्तियों पर नजर रखने की जरूरत है। अभी समय से मानदेय न मिलने पर निगाह रखने का सरकार के पास कोई इंतजाम नहीं है। इसी तरह अवकाश, कटौती आदि की भी स्थिति है। इसके लिए सेवायोजन पोर्टल में बदलाव की बात कही जा रही है। इसमें वेतन, अवकाश, यात्रा भत्ता, मेडिकल सुविधा, बीमा, ईएसआई और ईपीएफ कटौती का भी उल्लेख होना चाहिए।